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    'जिंदगी की परीक्षा में सब कुछ आउट ऑफ सिलेबस', IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में पीएम मोदी ने कहा- जो सीखेगा, वो जीतेगा

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 08:41 PM (IST)

    प्रधानमंत्री मोदी ने IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में कहा कि दुनिया के बदलाव के साथ चुनौतियां और अवसर दोनों आते हैं, और 'जो सीखेगा, वो जीतेगा'। ...और पढ़ें

    पीएम मोदी ने IIT दिल्ली में छात्रों को दिया संदेश (फोटो-पीटीआई)

    पीएम मोदी ने IIT दिल्ली में छात्रों को दिया संदेश (फोटो-पीटीआई)

    HighLights

    1. दुनिया बदल रही है, जो सीखेगा वही जीतेगा।

    2. छात्रों को पैकेज की तुलना से बचना चाहिए।

    3. 2047 तक विकसित भारत बनाने में युवा योगदान दें।

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और जब-जब बदलाव का दौर आता है, तब-तब चुनौतियां भी आती हैं और नए अवसर भी पैदा होते हैं।

    दुनिया बदलेगी तो टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रीज, प्रोफेशन भी बदलेंगे। लेकिन इस सबके बीच मेरी बात याद रखिएगा, जो सीखेगा, वो जीतेगा। जो नई चुनौतियों के नए समाधान खोजने का जो साहस दिखाएगा, उनके लिए वहीं चुनौतियां अवसर में बदल जाएगी।

    पैकेज और नौकरी की तुलना से बचें

    पीएम ने छात्रों को पैकेज और नौकरी की तुलना से बचने की सलाह दी। साथ ही शारीरिक व मानसिक सेहत का ध्यान रखने की भी अपील की।

    प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को आइआइटी दिल्ली के 57 वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए यह बातें कहीं। उन्होंने छात्रों से कहा कि आखिर आपकी ये डिग्री दुनिया को ये बताती है कि आप कठिन समस्याओं का समाधान करना जानते हैं।

    पीएम मोदी ने इस दौरान छात्रों से कैंपस में बिताए गए दिनों को लेकर भी बातें की।साथ ही जीवन में आने वाली चुनौतियों से न घबराने की सलाह दी। कहा कि अगर कोई समस्या बहुत बड़ी दिखाई दे तो उसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर हल करना चाहिए।

    प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा कि मुश्किलें अक्सर अकेली नहीं आतीं, बल्कि अपने साथ नए अवसर भी लेकर आती हैं। जरूरत सिर्फ इस बात की है कि युवा सतर्क रहें और उन अवसरों को पहचानें।

    पीएम मोदी ने छात्रों से सोशल मीडिया और दूसरों के साथ तुलना करने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत के बाद कई विद्यार्थी इस बात को लेकर तुलना कर सकते हैं कि किसे कितना पैकेज मिला, कौन किस कंपनी में गया या किसने स्टार्टअप शुरू किया। लेकिन याद रखिए, जिंदगी कोई लीडरबोर्ड नहीं है, यहां असली मुकाबला दूसरों से नहीं, बल्कि खुद से है।

    पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि हर पीढ़ी के सामने अपनी चुनौतियां होती हैं और उसी के अनुसार उसका राष्ट्रीय दायित्व भी तय होता है। आज देश के सामने विकसित भारत बनने की जिम्मेदारी है। 2047 तक हमें इस लक्ष्य को हासिल करना है।

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    पीएम ने कहा, वैसे तो देश आर्थिक आत्मनिर्भरता, तकनीकी आत्मनिर्भरता और औद्योगिक आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है लेकिन इस मजबूत नींव पर विकसित भारत का निर्माण आपको करना है। ऐसे में देश का युवा जितना सशक्त होगा, भारत उतना ही मजबूत होगा।

    पीएम ने कहा कि वैसे भी आने वाले 30-35 वर्षों में युवाओं के फैसले विकसित भारत की दिशा देने वाले बनेंगे, इसलिए युवाओं को अपने हर निर्णय में यह सोचना चाहिए कि उससे देश को क्या लाभ होगा।

    जिंदगी की परीक्षा में सब कुछ आउट ऑफ सिलेबस

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कैंपस का जीवन और कैंपस के बाहर का जीवन इन दोनों में बहुत बड़ा अंतर होता है। आईआईटी की परीक्षा में सिलेबस होता है लेकिन जिंदगी की परीक्षा में सब कुछ आउट ऑफ सिलेबस होता है।

    पीएम ने कहा कि आप याद करिए, कैंपस लाइफ में सारे फंडे क्लीयर होते थे। क्या पढ़ना है। कब परीक्षा देनी है। कौन सा असाइनमेंट करना है लेकिन जिंदगी कुछ अलग तरह से चलती है। वहां न कोई कोर्स होता है और न ही कोई प्रश्न पत्र होता है। कई बार यह भी खुद तय करना पड़ता है कि असली सवाल क्या है।

    पीएम ने आगे कहा, मैंने आइआइटी के कई पूर्व छात्रों की यात्रा को देखा है, उनकी सफलता का कारण ये नहीं था कि उन्होंने सही जवाब दिए, बल्कि ये था कि उन्होंने वो सवाल पहचाने जिन्हें दुनिया ने सवाल मानना ही छोड़ दिया था। इसलिए जीवन में जिज्ञासा को बनाए रखिए और अपनी सीखने की ललक को जगाए रखिए।

    चिप से लेकर शिप तक यहीं बनेगा

    पीएम मोदी ने अंतरिक्ष के क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले इस क्षेत्र में सरकार की भूमिका प्रमुख थी, लेकिन आज निजी क्षेत्र व युवा इसमें तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। युवा अपने लॉन्च व्हीकल बना रहे हैं लव राकेट भी लांच कर रहे हैं।

    प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में देश के बढ़ाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा इस दिशा में काम आगे बढ़ चुका है, पहला कारखाना भी शुरू हो चुका है। चिप से लेकर शिप तक सब कुछ देश में आप ही के हाथों से बनेगा।

    पीएम ने छात्रों से एआई, डेटा सेंटर, क्रिटिकल मिनिरल, बैटरी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी व क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए बड़ी संभावनाए है, उन्हें इस क्षेत्र में शोध व नवाचार के लिए आगे आना चाहिए। शोध के लिए एक लाख करोड़ रुपये तक की फंडिंग की व्यवस्था की जा रही है।

    मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हूं...

    पीएम मोदी ने आइआइटी दिल्ली के छात्रों को संबोधित करते हुए चुटकी भी ली। हंसते हुए छात्रों से कहा, 'आप सब यहां उपस्थित है, लेकिन मन के किसी कोने में कुछ और चल रहा होगा, मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हूं, लेकिन कुछ तो चलता होगा। इस पर पूरे सभागार जमकर ठहाके लगे।'

    पीएम ने आगे कहा कि यहां बैठे हर छात्र के मन में आने वाले कल की अपनी-अपनी तस्वीर होगी। कोई अपनी पहली सैलरी, तो कोई नए शहर की तैयारी तो कोई स्टार्टअप का सपना देख रहे होंगे।

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