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30 लाख इमारतों के सर्वे में सिर्फ 62 'खतरनाक', MCD के आंकड़ों की खुली पोल; हादसों के बाद उठे सवाल

Published: Mon, 07 Sep 2026 11:28 PM (IST)Updated: Tue, 08 Sep 2026 04:15 AM (IST)

एमसीडी द्वारा दिल्ली में खतरनाक इमारतों के सर्वे और कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं, जहां 30 लाख में से सिर्फ 62 को जर्जर घोषित किया गया।

दिल्ली में इस वर्ष करीब 30.7 लाख इमारतों का सर्वे किया गया।

दिल्ली में इस वर्ष करीब 30.7 लाख इमारतों का सर्वे किया गया।

HighLights

  1. एमसीडी ने 30 लाख इमारतों में से केवल 62 को खतरनाक बताया।

  2. जर्जर घोषित इमारतों पर भी MCD की कार्रवाई धीमी।

  3. गफ्फार मार्केट, रोहिणी की जर्जर इमारतों पर कोई एक्शन नहीं।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में खतरनाक और जर्जर इमारतों की पहचान के लिए हर वर्ष सर्वे किया जाता है, लेकिन इन इमारतों के खिलाफ समय पर कार्रवाई नहीं होने से यह कवायद सवालों के घेरे में है। इसका उदाहरण एमसीडी द्वारा जर्जर घोषित इमारतों की मौजूदा स्थिति से लगाया जा सकता है।

वर्ष 2021 में एमसीडी ने आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट के आधार पर गफ्फार मार्केट की एक इमारत को जर्जर घोषित किया था। इसके बावजूद अब तक इस इमारत के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। यहां आज भी हजारों की संख्या में दुकानें चल रही हैं।

इसी तरह रोहिणी सेक्टर-15 स्थित कृष्णा कुंज के बी-ब्लॉक, पॉकेट बी-6 के भवन संख्या 18 को भी निगम करीब चार वर्ष पहले जर्जर घोषित कर चुका है। इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। भवन के आसपास बल्ली लगाकर और डेंजर जोन लिखकर कार्रवाई पूरी कर दी गई। ऐसे में सवाल है कि यदि यह भवन गिरता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।

पुरानी दिल्ली स्थित जोनल कार्यालय भी जर्जर स्थिति में

यह स्थिति केवल निजी इमारतों तक सीमित नहीं है। एमसीडी का पुरानी दिल्ली स्थित जोनल कार्यालय भी जर्जर स्थिति में है। भवन की दीवारों से जगह-जगह मसाला झड़ रहा है और पूरी इमारत खस्ताहाल नजर आती है। जमीन के नीचे से गुजरने वाली मेट्रो लाइन के नजदीक होने के कारण मेट्रो गुजरने पर भवन में कंपन भी महसूस होता है।

इसके बावजूद निगम की इस इमारत की मरम्मत नहीं हो पाई है। हाल ही में स्थायी समिति की बैठक में आप पार्षद आरिबा खान ने भी इस भवन की जर्जर स्थिति का मुद्दा उठाया था। इस भवन में एमसीडी के जोनल संपत्ति कर और शिक्षा विभाग के कार्यालय संचालित होते हैं।

30 लाख इमारतों के सर्वे में सिर्फ 62 खतरनाक

एमसीडी हर वर्ष मानसून से पहले खतरनाक इमारतों का सर्वे कराता है। इस वर्ष करीब 30.7 लाख इमारतों का सर्वे किया गया, लेकिन इनमें सिर्फ 62 इमारतों को खतरनाक घोषित किया गया। करोलबाग जोन में सबसे अधिक 19, पश्चिमी जोन में नौ, मध्य जोन में आठ, दक्षिण जोन में चार और सिटी-सदर पहाड़गंज जोन में पांच इमारतें चिन्हित की गईं। वहीं शाहदरा उत्तरी, शाहदरा दक्षिणी और सिविल लाइंस जोन में एक भी खतरनाक इमारत नहीं मिली। इसके बावजूद इन क्षेत्रों में भी इमारत गिरने की घटनाएं सामने आती रही हैं।

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