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दिल्ली के हर PG का होगा सेफ्टी टेस्ट, सत्य निकेतन हादसे के बाद LG ने तय की डेडलाइन

Published: Mon, 07 Sep 2026 11:00 PM (IST)Updated: Mon, 07 Sep 2026 11:02 PM (IST)

दिल्ली के एलजी तरनजीत सिंह संधू ने पीजी आवासों में छात्रों की सुरक्षा पर सख्त रुख अपनाते हुए एक सप्ताह में स्ट्रक्चरल ऑडिट का निर्देश दिया है।

दिल्ली के एलजी के ने बुलाई थी उच्चस्तरीय बैठक।

दिल्ली के एलजी के ने बुलाई थी उच्चस्तरीय बैठक।

HighLights

  1. एलजी ने पीजी भवनों के स्ट्रक्चरल ऑडिट का आदेश दिया।

  2. छात्रों के लिए वैकल्पिक आवास पर समिति गठित की गई।

  3. 50 साल पुरानी डीडीए इमारतों का सेफ्टी ऑडिट होगा।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में पीजी आवासों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर एलजी तरनजीत सिंह संधू ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने राजधानी के प्रमुख पीजी हब में स्थित भवनों का निरीक्षण कराने और खासतौर पर उन मकानों की जांच के निर्देश दिए हैं, जहां प्रथम दृष्टया ऊंचाई और मंजिल संबंधी नियमों का उल्लंघन हुआ है। सभी पीजी हब में भवनों का स्ट्रक्चरल आडिट एक सप्ताह के भीतर कराने को कहा गया है।

सत्य निकेतन में डीयू के साउथ कैंपस के पास भवन गिरने की घटना के बाद हुई सोमवार को लोकनिवास में हुई समीक्षा बैठक में एलजी ने कहा कि छात्रों को असुरक्षित इमारतों में रहने से बचाना जरूरी है, लेकिन बिना सोचे-समझे सीलिंग अभियान चलाने से छात्र बेघर हो सकते हैं। इसलिए पहले निरीक्षण और सुरक्षा की स्थिति का आकलन किया जाए और नियमों का गंभीर उल्लंघन करने वाले भवनों पर कार्रवाई हो।

पीजी के विकल्प तलाशे जाएंगे

बैठक में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का फैसला किया गया है। समिति संस्थागत पीजी के मौजूदा दिशा-निर्देशों की समीक्षा करेगी और छात्रों के लिए वैकल्पिक आवास की संभावनाएं तलाशेगी। इसके तहत विश्वविद्यालयों, एमसीडी और डीडीए के माध्यम से छात्र आवास बढ़ाने पर विचार होगा। डीडीए और एमसीडी की खाली या इस्तेमाल में नहीं आ रही इमारतों तथा डीडीए के उपलब्ध आवासीय स्टॉक को भी छात्रों के लिए इस्तेमाल करने की संभावना देखी जाएगी।

अवैध निर्माण पर एमसीडी होगी सख्त

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शहरी विकास मंत्री ने कहा कि भवनों की सुरक्षा जांच सबसे महत्वपूर्ण है। एमसीडी को चल रहे अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उन्हें रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

छात्रों की समस्याओं का बनेगा डेटाबेस

जून में गठित जिलाधिकारी, डीसीपी और एमसीडी के डीसी की समिति अब पीजी में रहने वाले छात्रों से सीधे संपर्क करेगी। अधिकारी छात्रों की समस्याएं और शिकायतें सुनेंगे तथा पीजी में रहने वाले सभी छात्रों का व्यापक डेटाबेस तैयार किया जाएगा।

बैठक में यह भी सामने आया कि राजधानी में छात्रों के लिए आवास की मांग और उपलब्धता के बीच बड़ा अंतर है। इसे देखते हुए शहरी विकास मंत्री की समिति को छात्रावासों की संख्या बढ़ाने के लिए मध्य और दीर्घकालीन योजना जल्द तैयार करने को कहा गया है।

50 साल पुरानी डीडीए इमारतों का होगा सेफ्टी ऑडिट

सत्य निकेतन में भवन गिरने की घटना के बाद केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने दिल्ली की पुरानी इमारतों की सुरक्षा को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि डीडीए के तहत आने वाली 50 साल से अधिक पुरानी सभी इमारतों का सेफ्टी आडिट कराने की योजना बनाई जा रही है। इसके बाद इमारतों की स्थिति के आधार पर हर 10, पांच और तीन साल में नियमित सुरक्षा आडिट की व्यवस्था तैयार की जाएगी।

सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट डाल मनोहर लाल ने कहा कि भविष्य में डीडीए की नई इमारतों के 50 साल पूरे होने पर भी उनका सुरक्षा आडिट किया जाएगा। जर्जर होने से पहले इमारतों के पुनर्निर्माण के लिए पुर्नवास फंड बनाने की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने एमसीडी से भी ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अपने स्तर पर प्रभावी कदम उठाने की अपील की।

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