'कोई हादसा या मौत हो तो हम जिम्मेदार नहीं', सत्य निकेतन हॉस्टल के रेंट एग्रीमेंट में क्या-क्या लिखा है?
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने से सात लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद बिल्डिंग मालिक और उसके ...और पढ़ें

सत्य निकेतन हादसे के बाद पीजी के रेंट एग्रीमेंट की शर्तें सामने आई है। (एआई एडिटेड इमेज)
HighLights
सत्य निकेतन इमारत ढहने से सात लोगों की मौत।
बिल्डिंग मालिक और परिवार के सदस्य गिरफ्तार।
पांच एमसीडी अधिकारी लापरवाही के लिए निलंबित।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना में सात लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं घटना के बाद पांच अफसरों पर कार्रवाई हुई है। बिल्डिंग के मालिक और उसके परिवार के अन्य सदस्यों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। वहीं, पीजी बिल्डिंग के रेंट एग्रीमेंट की एक कॉपी सामने आई है।
एग्रीमेंट की कॉपी में साफ तौर पर लिखा था, "पीजी अधिकारी/मकान मालिक मेरे (किराएदार) साथ होने वाली किसी भी अनहोनी, दुर्घटना या जानमाल के जोखिम के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।"
यह शर्त पांच मंजिला इमारत के ढहने और सात लोगों की मौत के बाद बहुत महत्वपूर्ण हो गई है। इमारत का इस्तेमाल पीजी आवास और छात्रों के रहने के लिए हो रहा था। अब सवाल उठ रहा है कि छात्रों की सुरक्षा को लेकर क्या शर्तें तय की गई थीं और मकान मालिक की जिम्मेदारी कहां तक थी।
बता दें, कुल सात लोगों में रविवार को पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी। सोमवार तक मृतकों की संख्या 7 हो गई। मलबे से कुल 12 लोगों को निकाला गया। पांच घायलों का एम्स और सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनमें तीन की हालत गंभीर है।
पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को भी गिरफ्तार कर लिया
हादसे के लिए दिल्ली पुलिस ने बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता को भिवाड़ी से गिरफ्तार करने के बाद उसकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को भी गिरफ्तार कर लिया। यह संपत्ति उर्मिला गुप्ता के नाम पर है, जबकि दोनों देखभाल करते थे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर 24 घंटे के अंदर लापरवाही के लिए जिम्मेदार एमसीडी के दक्षिणी जोन के उपायुक्त राकेश कुमार के साथ इलाके के एई व जेई सहित पांच को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
कनिष्ठ अभियंता से लेकर उपायुक्त तक को निलंबित किया
एमसीडी में पहली बार ऐसा हुआ है, जब किसी हादसे में इलाके के कनिष्ठ अभियंता से लेकर उपायुक्त तक को निलंबित किया गया है। रविवार को हादसे के बाद शुरू हुआ बचाव अभियान 26 घंटे बाद समाप्त हो गया है। सोमवार दोपहर चार बजे तक घटनास्थल से मलबा हटा दिया गया। अब किसी और के मलबे में फंसे होने की आशंका नहीं है। हादसे के बाद गिरने वाली बिल्डिंग से सटी चार इमारतों को निगम ने जर्जर घोषित कर भवन मालिकों को नोटिस दिया है।
हरिराम गुप्ता के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर नोटिस जारी
इसमें कहा है कि तीन दिन में खुद ही इमारत ध्वस्त नहीं करने पर इन्हें तय समय के बाद निगम द्वारा ढहा दिया जाएगा। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक घटना के तुरंत बाद बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर नोटिस जारी करवा दिया गया था ताकि देश छोड़कर भागने की कोशिश करने पर उसे दबोच लिया जाए।
हादसे के बाद वह गुरुग्राम सेक्टर-23 स्थित अपने घर से भागकर भिवाड़ी चला गया था। पुलिस टीम ने सोमवार दोपहर उसे वहां से गिरफ्तार कर लिया। हरिराम के पास गुरुग्राम में कई प्रापर्टी हैं। वहां वह एक हार्डवेयर की दुकान और पीजी भी चलाता है। इसके भाई का सत्य निकेतन में एक अन्य पीजी है।
पीजी संचालक सुधांशु फरार
अब पुलिस बिल्डिंग में हास्टल डेज नाम से पीजी चलाने वाले सुधांशु की तलाश में छापेमारी कर रही है। वह उत्तर-पूर्वी जिले का रहने वाला है और फरार है। करीब दो साल पहले उसने हरिराम गुप्ता की जर्जर इमारत को लीज पर लेकर मामूली मरम्मत कराने के बाद पीजी शुरू किया था। इसका दिल्ली में अन्य जगहों पर भी लीज पर बिल्डिंग लेकर पीजी चलाने का काम हैं।
निगम में तैनात ये अधिकारी हुए निलंबितसत्य निकेतन हादसे में दक्षिणी जोन के उपायुक्त राकेश कुमार के अलावा अधीक्षण अभियंता (भवन) रणबीर सिंह, अधिशासी अभियंता (भवन) ललिल कुमार गोयल, एई (भवन) सुनील चौहान, जेई (भवन) आशीष कुमार को निलंबित किया गया है। राकेश कुमार बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। वर्ष 2015 में वह पदोन्नत होकर आईएएस बन गए थे। वह निगम में प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं।
हादसे में मृतकों की सूची
1. अभिषेक, सोनभद्र, यूपी, उम्र 20 साल (छात्र)
2. युवराज सोनी, दुर्ग, छत्तीसगढ़, उम्र 20 साल (छात्र)
3. पवन, औरैया, यूपी, उम्र 17 साल (छात्र)
4. अर्पित जहाज, देवास, एमपी, उम्र 19 साल (छात्र)
5. अक्षत सिंह यादव, कटनी, एमपी, उम्र 18 साल (छात्र)
6. सुरिंदर सिंह, उम्र 75 साल (श्रमिक)
7. एक अज्ञात पुरुष
