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    आयुष्मान भारत में जुड़ेगा लिवर ट्रांसप्लांट? डॉ. सरीन की मांग पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने दिया बड़ा सुझाव

    Updated: Tue, 30 Jun 2026 03:06 PM (IST)

    आईएलबीएस के 10वें दीक्षांत समारोह में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने लिवर रोगों पर जागरूकता की सराहना की। डॉ. एसके सरीन ने आयुष्मान भारत में लिवर प्रत् ...और पढ़ें

    केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कार्यक्रम से दिया बड़ा संदेश।

     केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कार्यक्रम से दिया बड़ा संदेश।

    HighLights

    1. आईएलबीएस के 10वें दीक्षांत समारोह में 58 छात्रों को उपाधियां मिलीं।

    2. डॉ. सरीन ने आयुष्मान भारत में लिवर प्रत्यारोपण शामिल करने की मांग की।

    3. देश का हर तीसरा व्यक्ति फैटी लिवर से प्रभावित, बड़ी स्वास्थ्य चुनौती।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। यकृत एवं पित्त विज्ञान संस्थान (आईएलबीएस) के 10वें दीक्षांत समारोह में मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि देश में लिवर रोग तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य चुनौती बन चुके हैं। इस बीच आईएलबीएस के कुलाधिपति डॉ. एसके सरीन ने केंद्रीय मंत्री से लिवर ट्रांसप्लांट को भी आयुष्मान भारत योजना में सम्मिलित करने की मांग की। इस पर नड्डा ने उन्हें एक बड़ा सुझाव दिया।

    58 विद्यार्थियों को मिले सर्टिफिकेट

    नड्डा ने कहा कि फैटी लिवर अब घर-घर में चर्चा का विषय बन गया है और इसके पीछे आईएलबीएस के जागरूकता अभियानों का बड़ा योगदान है। इस समारोह में 58 विद्यार्थियों को विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी, शोध और नर्सिंग पाठ्यक्रमों की उपाधियां, प्रमाणपत्र और पदक प्रदान किए गए। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह तथा आईएलबीएस के कुलाधिपति डॉ. एसके सरीन भी मौजूद रहे।

    बन रहीं अनेक गैर-संचारी बीमारियों की जड़

    अपने संबोधन में डॉ. सरीन ने कहा कि वर्तमान समय में देश का हर तीसरा व्यक्ति फैटी लिवर से प्रभावित है। यह केवल लिवर की बीमारी नहीं बल्कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, कैंसर और गुर्दा रोग जैसी अनेक गैर-संचारी बीमारियों की जड़ बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, जागरूकता और जीवनशैली में सुधार के जरिए इस खतरे को काफी हद तक रोका जा सकता है।

    10,800 से ज्यादा लिवर आपातकालीन केस सुलझाए 

    डॉ. सरीन ने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2025 में आईएलबीएस में 1.60 लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया गया तथा 10,800 से ज्यादा लिवर आपातकालीन मामलों का प्रबंधन किया गया।

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    संस्थान अब तक 1,392 सफल लिवर प्रत्यारोपण कर चुका है, जबकि पिछले वर्ष 160 लिवर प्रत्यारोपण किए गए।

    उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार के तहत गुर्दा प्रत्यारोपण करने वाला आईएलबीएस एकमात्र संस्थान है, जहां अब तक 372 किडनी प्रत्यारोपण हो चुके हैं और इनमें 29 प्रतिशत लाभार्थी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से हैं।

    कई नए उच्च स्तरीय कोर्स भी शुरू किए

    उन्होंने यह भी बताया कि आईएलबीएस में देश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय लिवर रोग बायोबैंक विकसित किया गया है, जिसमें 65 लाख जैविक नमूनों को संरक्षित करने की क्षमता है। संस्थान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग केंद्र, सेल थेरेपी यूनिट, डिजिटल पैथोलॉजी और कई नए उच्च स्तरीय पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।

    'आयुष्मान भारत योजना में लिवर प्रत्यारोपण शामिल हो'

    डॉ. सरीन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया कि आयुष्मान भारत योजना में लिवर प्रत्यारोपण को भी शामिल किया जाए, ताकि जरूरतमंद मरीजों को जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने राष्ट्रीय फैटी लिवर नियंत्रण अभियान शुरू करने का भी सुझाव दिया।

    सुपर स्पेशियलिटी शिक्षा पर जोर

    जेपी नड्डा ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश ने पिछले एक दशक में अभूतपूर्व विस्तार देखा है। उन्होंने नवस्नातकों से करुणा, संवेदनशीलता और उच्च नैतिक मूल्यों के साथ समाज की सेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशियलिटी शिक्षा एक विशेष अवसर है और इसे समाज को लौटाने की जिम्मेदारी के रूप में देखना चाहिए।

    लाखों लोगों को करेंगे जागरूक

    समारोह में आईएलबीएस की उपलब्धियों, शोध कार्यों और राष्ट्रीय स्तर पर चलाए जा रहे स्वस्थ यकृत अभियानों की भी जानकारी दी गई। संस्थान ने मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों में लिवर रोगों की स्क्रीनिंग और जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिनके माध्यम से लाखों लोगों तक पहुंच बनाई जा रही है।

    दीक्षांत समारोह के अंत में विद्यार्थियों को चिकित्सा, अनुसंधान और मानव सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने का संकल्प दिलाया गया। आईएलबीएस ने अगले चरण में नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चिकित्सा, कौशल विकास और देशभर में उपग्रह केंद्र स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प भी दोहराया।

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