74 की उम्र में पीएचडी, 19 में बीटेक, IIT दिल्ली में दो पीढ़ियों ने लिखी कामयाबी की अनोखी कहानी
आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में दो प्रेरणादायक कहानियां सामने आईं: 74 वर्षीय चंद्रशेखर प्रसाद ने पीएचडी की डिग्री हासिल की, जबकि 19 वर्षीय ...और पढ़ें

चंद्रशेखर प्रसाद और अनीश तंवर। फोटो: जागरण
HighLights
चंद्रशेखर प्रसाद ने 74 की उम्र में पीएचडी पूरी की
अनीश तंवर ने 19 साल की उम्र में बीटेक डिग्री हासिल की
आईआईटी दिल्ली में उम्र के अंतर वाली सफलता की गाथा
लोकेश शर्मा, नई दिल्ली। किसी के हाथ में उम्र की लकीरें थीं तो किसी की आंखों में भविष्य के सपने। एक ने जिंदगी के 74वें पड़ाव पर पीएचडी की डिग्री थामी, तो दूसरे ने महज 19 साल की उम्र में बीटेक पूरा कर लिया।
IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में चंद्रशेखर प्रसाद और अनीश तंवर की कहानी ने साबित कर दिया कि सफलता की कोई तय उम्र नहीं होती। मंजिल तक पहुंचने के रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन उसे पाने का जज्बा एक जैसा होता है। चंद्रशेखर प्रसाद और अनीश तंवर की उम्र में 55 साल का अंतर है।
नीतीश कुमार के सहपाठी रहे चंद्रशेखर
पटना के रहने वाले चंद्रशेखर प्रसाद ने सिविल इंजीनियरिंग में पीएचडी पूरी कर IIT दिल्ली के सबसे उम्रदराज स्नातकों में अपना नाम दर्ज कराया। वर्ष 1973 में बिहार काॅलेज ऑफ इंजीनियरिंग (वर्तमान एनआईटी पटना) से बीटेक करने वाले प्रसाद बाद में केंद्र सरकार की सेवा में गए और सीपीडब्ल्यूडी के महानिदेशक पद से वर्ष 2012 में सेवानिवृत्त हुए।
उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से एमटेक भी किया है। वह ग्रेजुएशन करते हुए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सहपाठी भी रहे है।
सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने पढ़ाई का सिलसिला नहीं रोका। सस्टेनेबल बिल्डिंग्स और कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट पर उनका शोध संयुक्त राष्ट्र के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स-2030 और भारत सरकार के लक्ष्यों से जुड़ा है।
उन्होंने बताया कि बचपन में देश के प्रथम राष्ट्रपति डाॅ. राजेंद्र प्रसाद से प्रेरणा मिली थी। अब उनका लक्ष्य आगे शोध करने के साथ नई पीढ़ी को पढ़ाकर अपना अनुभव साझा करना है। वह अपनी सफलता का श्रेय पत्नी के सहयोग को देते हैं, जो पढ़ाई के दौरान देर रात तक उनका साथ देती थीं।
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वहीं जयपुर के 19 वर्षीय अनीश तंवर ने इसी समारोह में सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। गांव के सामान्य स्कूल से पढ़ाई शुरू करने वाले अनीश ने सीकर से 12वीं की।
वह चार वर्ष की उम्र में स्कूल गए और एक कक्षा के गैप के बावजूद 15 साल की उम्र में 12वीं पूरी कर ली। पहली ही कोशिश में जेईई एडवांस के जरिए IIT दिल्ली में प्रवेश पाया।
अनीश के पिता दिल्ली पुलिस में हेड कान्स्टेबल हैं और मां गृहिणी। हाॅस्टल में रहकर पढ़ाई पूरी करने वाले अनीश अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को देते हैं।
अब उनका लक्ष्य सिविल सर्विसेज की तैयारी करना है। युवाओं को उनका संदेश है कि पढ़ाई शांत दिमाग से करें, तनाव से बचें और स्मार्टफोन व गैरजरूरी गैजेट से दूरी रखें। अपनी जेईई तैयारी के दौरान वह साधारण कीपैड फोन इस्तेमाल करते थे।
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