सत्य निकेतन हादसे के बाद बढ़ा छात्रों का गुस्सा, प्रदर्शन कर सुरक्षित हॉस्टल और सस्ते आवास की कर रहे मांग
दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्य निकेतन (Satya Niketan Collapse) में इमारत गिरने से सात छात्रों की मौत के बाद छात्रों का ...और पढ़ें
HighLights
सत्य निकेतन इमारत गिरने से सात छात्रों की मौत।
छात्रों ने नगर निगम की लापरवाही के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सुरक्षित और सस्ते हॉस्टल व पीजी की मांग की।
गौरी शर्मा, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के दक्षिण परिसर स्थित सत्य निकेतन इलाके में एक जर्जर इमारत गिरने से सात छात्रों की दुखद मौत की खबर ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस हादसे के बाद छात्रों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा है। आक्रोशित छात्रों ने सड़क जाम कर नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
अब भी धड़ल्ले से चल रहे पीजी
प्रदर्शनकारी छात्रों ने इस घटना को नगर निगम अधिकारियों की गंभीर लापरवाही का नतीजा करार दिया। छात्रों का आरोप है कि इलाके में बिना किसी संरचनात्मक सुरक्षा उपायों और बिना निरीक्षण के कई अवैध पेइंग गेस्ट (पीजी) हाउस धड़ल्ले से चल रहे हैं। इससे छात्रों की जान जोखिम में पड़ी हुई है।

प्रशासन को दिया मांग पत्र
घटना के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आस-पास की जर्जर इमारतों और पीजी को खाली कराने की कार्रवाई तेज कर दी है। दूसरी ओर, सत्य निकेतन में धरने पर बैठे छात्रों ने प्रशासन को एक मांग पत्र (चार्टर) सौंपा है।
छात्रों की मुख्य मांगें...
- इमारत गिरने वाले हादसे की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो।
- दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन खुद अपने पीजी और हॉस्टल का निर्माण कराए।
- प्राइवेट पीजी के मनमाने किराये पर रोक लगे और कम दरों पर सुरक्षित आवास मिले।
- छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सुरक्षा और आवास संबंधी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
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