सत्य निकेतन हादसे पर सियासत तेज: AAP ने पूछा- राहत बचाव के बीच जैमर क्यों लगाया? पुलिस ने फैक्ट चेक में खोली पोल
आम आदमी पार्टी ने सत्य निकेतन इमारत गिरने की घटना पर भाजपा सरकार पर मोबाइल जैमर लगाने का आरोप लगाया, जिससे बचाव कार्य बाधित हुआ।

सत्य निकेतन हादसे की तस्वीर।
HighLights
आप ने सत्य निकेतन मलबे स्थल पर मोबाइल जैमर का आरोप लगाया।
दिल्ली पुलिस ने जैमर के आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया।
पुलिस ने कहा, बचाव दल मोबाइल से आसानी से समन्वय कर रहे थे।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना को लेकर दिल्ली की भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
आप ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद घटनास्थल पर मोबाइल सिग्नल बाधित करने वाला जैमर लगाया गया, जिससे मलबे में फंसे लोगों और उनके परिजनों के लिए मोबाइल फोन के जरिए मदद मांगना मुश्किल हो गया।
आप ने कहा कि हादसे के बाद सबसे पहली प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों तक तत्काल मदद पहुंचाना और बचाव दल से उनका संपर्क सुनिश्चित करना होनी चाहिए थी।
'अगर मलबे में फंसे लोगों के फोन काम करते तो...'
ऐसे में घटनास्थल पर मोबाइल सिग्नल बाधित करने वाला उपकरण लगाए जाने का निर्णय गंभीर सवाल खड़े करता है। पार्टी ने पूछा कि जैमर लगाने का आदेश किस अधिकारी या विभाग ने दिया और इसे लगाने की आवश्यकता क्या थी।
आप के अनुसार, यदि मलबे में फंसे लोगों के मोबाइल फोन काम कर रहे थे, तो वे अपने परिजनों, पुलिस, दमकल या अन्य बचाव एजेंसियों से संपर्क कर अपनी स्थिति बता सकते थे।
लेकिन मोबाइल सिग्नल बाधित होने की स्थिति में उनकी मदद की कोशिशें प्रभावित हो सकती थीं। पार्टी ने सरकार से इस संबंध में स्पष्ट जवाब देने की मांग की है।
'राहत-बचाव अभियान में देरी पर भी उठाए सवाल'
आप ने राहत-बचाव अभियान में कथित देरी पर भी सवाल उठाए। आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली सरकार से मांग की है कि घटनास्थल पर लगाए गए जैमर के आदेश से जुड़े सभी तथ्य सार्वजनिक किए जाएं।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि जैमर किसके निर्देश पर लगाया गया, उसका उद्देश्य क्या था और राहत-बचाव अभियान के दौरान सरकारी एंबुलेंस तथा एनडीआरएफ की प्रतिक्रिया में देरी क्यों हुई।
दिल्ली पुलिस ने किया जैमर लगाने का फैक्ट चेक
दिल्ली पुलिस ने 8 सितंबर सुबह करीब 11.30 बजे एक ट्वीट कर जानकारी दी है कि उनके फैक्ट चेक में जैमर लगे होने की बात पूरी तरह से निराधार और झूठी अफवाह है। पुलिस ने अपने फैक्ट चेक में तीन बातें लिखी हैं-
- मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से काम कर रहा है।
- दिल्ली पुलिस, NDRF और फायर ब्रिगेड की टीमें मोबाइल के माध्यम से ही आसानी से एक-दूसरे से कॉर्डिनेट कर रही हैं।
- मीडिया और आम लोग बिना किसी रुकावट के मौके से लाइव टेलीकास्ट कर रहे हैं।
पुलिस ने लोगों से ये भी अनुरोध कि या है कि रीच या व्यूज बढ़ाने के लिए फैलाई जा रही भ्रामक खबरों पर यकीन न करें। केवल आधिकारिक और सत्यापित जानकारियों पर ही भरोसा करें।
