PM-UDAY योजना के लिए दिल्ली सरकार ने केंद्र से मांगे 100 करोड़, 1511 अनधिकृत कॉलोनियों के लोगों को राहत
दिल्ली सरकार ने पीएम-उदय योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र से 100 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मांगी है। यह राशि राजधानी की 1,511 अनधिकृत कॉ ...और पढ़ें

पीएम-उदय के लिए सीएम रेखा गुप्ता ने केंद्र से की 100 करोड़ रुपये की मांग।
HighLights
दिल्ली सरकार ने पीएम-उदय के लिए केंद्र से 100 करोड़ मांगे।
अनधिकृत कॉलोनियों में संपत्ति अधिकार देने की प्रक्रिया तेज होगी।
राजस्व विभाग नोडल एजेंसी, 13 जिलों में प्रकोष्ठ बनेंगे।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री अनधिकृत कालोनियों के विकास एवं उत्थान (पीएम-उदय) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार से पहले चरण में 100 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मांगी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर शहरी विकास कोष (यूडीएफ) से यह राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। सरकार का कहना है कि इससे राजधानी की 1,511 अनधिकृत कालोनियों में संपत्ति अधिकार देने की प्रक्रिया को गति मिलेगी।
राजस्व एजेंसी को बनाया नोडल अधिकारी
दिल्ली सरकार की ओर से केंद्र को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया है कि 6 अप्रैल 2026 को अधिसूचित संशोधित पीएम-उदय विनियमों के बाद अनधिकृत कालोनियों में रहने वाले लोगों को संपत्ति अधिकार देने की प्रक्रिया को नया कानूनी आधार मिला है।
साथ ही जैसी स्थिति है, उसी आधार पर कालोनियों के नियमितीकरण की व्यवस्था लागू होने से संपत्ति अधिकार प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल होगी। योजना के क्रियान्वयन के लिए दिल्ली सरकार ने राजस्व विभाग को नोडल एजेंसी बनाया है।
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार 13 जिलों में एडीएम की अध्यक्षता में पीएम-उदय प्रकोष्ठ स्थापित किए जाएंगे। ये प्रकोष्ठ संपत्तियों का भौतिक सत्यापन, डिजिटल मैपिंग, भूमि अभिलेखों के अद्यतन और निर्धारित 45 दिनों के भीतर संपत्ति संबंधी दस्तावेज एवं प्राधिकरण पत्र जारी करने की प्रक्रिया का संचालन करेंगे।
प्रस्तावित 100 करोड़ रुपये के पैकेज में सबसे बड़ा हिस्सा 65 करोड़ रुपये का आधुनिक भू-सर्वे एवं मैपिंग प्रणाली विकसित करने पर खर्च किया जाएगा। इसके जरिए संपत्तियों के सत्यापन और भूमि रिकॉर्ड को तकनीक आधारित, पारदर्शी और अधिक सटीक बनाया जाएगा।
वहीं 25 करोड़ रुपये से 13 जिला कार्यालयों और मुख्यालय में पीएम-उदय प्रकोष्ठ स्थापित किए जाएंगे। शेष 10 करोड़ रुपये जनजागरूकता अभियान पर खर्च होंगे, जिसके तहत आरडब्ल्यूए के साथ कार्यशालाएं, हेल्पडेस्क, एसओपी की जानकारी, पात्रता संबंधी दिशा-निर्देश और सिंगल विंडो शिविर आयोजित किए जाएंगे।
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दिल्ली सरकार से किया अनुरोध
दिल्ली सरकार ने केंद्र से अनुरोध किया है कि संस्थागत ढांचा पहले ही अधिसूचित हो चुका है और काम शुरू किया जा चुका है। ऐसे में समय पर वित्तीय सहायता मिलने से दिल्ली के लाखों निवासियों को संपत्ति अधिकारों का लाभ शीघ्र और सुगमता से उपलब्ध कराया जा सकेगा।
मानव सभ्यता की एक पुरानी परंपरा है कि पहले कागज अटकते हैं, फिर फाइलें चलती हैं, और अंत में लोग उम्मीद करते हैं कि इस बार प्रक्रिया सचमुच समय पर पूरी हो जाए।
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