दिल्ली में बारिश ने बढ़ाई मुसीबत, 81 जलभराव और 32 पेड़ गिरने की शिकायतें; कई इलाकों में घंटों लगा जाम
शुक्रवार को दिल्ली में हुई तेज बारिश से राजधानी की रफ्तार थम गई, जिससे कई इलाकों में जलभराव और घंटों लंबा जाम लग गया। पीडब्ल्यूडी और एनडीएमसी को कुल 8 ...और पढ़ें

द्वारका सेक्टर-2 में सड़क पर वर्षा से हुए जलभराव के बीच गुजरते वाहन। जागरण
HighLights
शुक्रवार की तेज बारिश से दिल्ली में जलभराव और लंबा जाम।
कुल 81 जलभराव और 32 पेड़ गिरने की शिकायतें दर्ज।
दक्षिणी दिल्ली में 100 मिमी से अधिक बारिश, कई सड़कें प्रभावित।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शुक्रवार को हुई तेज बारिश ने दिल्ली की रफ्तार थाम दी। राजधानी की कई प्रमुख और संपर्क सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित रहा। महिपालपुर, धौलाकुआं, एमबी रोड, रिंग रोड, आइटीओ और पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में सड़कें पानी से भर गईं और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई जगह पेड़ गिरने से भी यातायात बाधित हुआ।
बारिश के बाद दिल्ली के लोक निर्माण विभाग और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद के पास बड़ी संख्या में शिकायतें पहुंचीं। पीडब्ल्यूडी को जलभराव की 66 और पेड़ गिरने की 17 शिकायतें मिलीं।
वहीं, एनडीएमसी को जलभराव की 15 और पेड़ गिरने की 15 शिकायतें प्राप्त हुईं। दोनों एजेंसियों के आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी में कुल 81 जलभराव और 32 पेड़ गिरने की शिकायतें दर्ज की गईं।
दक्षिणी दिल्ली में सबसे ज्यादा असर
दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कई इलाके बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। महिपालपुर, छतरपुर, ओखला, संगम विहार, सैनिक फार्म, वसंत कुंज, वसंत विहार, मालवीय नगर और ग्रेटर कैलाश-2 में जलभराव की शिकायतें मिलीं।
महावीर रोड से महरौली-बदरपुर रोड (एमबी रोड) का हिस्सा भी प्रमुख जाम वाले मार्गों में शामिल रहा। खानपुर, संगम विहार, देवली और अंबेडकर नगर से गुजरने वाले लोगों को भी काफी देर तक यातायात की समस्या का सामना करना पड़ा।
महिपालपुर और धौलाकुआं की ओर जाने वाली सड़कों पर बारिश के साथ पीक आवर का ट्रैफिक बढ़ने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
एक जाम से दूसरे जाम में फंसे वाहन
जलभराव की समस्या कुछ इलाकों तक सीमित नहीं रही। रिंग रोड, एनएच-48 और मथुरा रोड के कई हिस्सों पर यातायात धीमा रहा। धौलाकुआं, आश्रम, आइटीओ और मध्य दिल्ली के कई मार्गों पर भी जाम की स्थिति बनी रही।
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गुरुग्राम से धौलाकुआं की ओर आने वाले मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। एक रास्ते पर जाम से बचने के लिए दूसरे मार्ग का रुख करने वाले वाहन चालक भी आगे किसी अन्य जाम में फंसते रहे।
पूर्वी दिल्ली भी इससे अछूती नहीं रही। शकरपुर, मंडावली, मयूर विहार, गांधी नगर और कृष्णा नगर के कई हिस्सों में जलभराव और धीमे यातायात की शिकायतें सामने आईं।
कुछ इलाकों में 100 मिमी से ज्यादा बारिश
बारिश के कारण दक्षिणी दिल्ली के कई हिस्सों में 100 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई। शुक्रवार सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच पुष्प विहार में 111.5 मिलीमीटर और छतरपुर में 104.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
इसी अवधि में आया नगर में 87.4 मिलीमीटर, पालम में 73.5 मिलीमीटर, जनकपुरी में 68 मिलीमीटर, पूसा में 59.5 मिलीमीटर और सफदरजंग में 57.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
कम समय में भारी मात्रा में बारिश होने के कारण कई इलाकों में नालियों और सड़कों पर पानी का दबाव बढ़ गया। इससे जलनिकासी प्रभावित हुई और कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था चरमरा गई।
'जहां काम चल रहा है, वहां दिक्कतें आएंगी'
जलभराव को लेकर विपक्ष के आरोपों पर दिल्ली के लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि कई ऐसे स्थान हैं जहां जलनिकासी और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े काम चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां निर्माण कार्य चलेंगे, वहां कुछ समस्याएं सामने आ सकती हैं।
उन्होंने विपक्ष पर पुराने वीडियो साझा कर मौजूदा सरकार को घेरने का आरोप भी लगाया। वर्मा के अनुसार, विपक्ष जिन समस्याओं के वीडियो साझा कर रहा है, उनमें से कुछ पुरानी हैं और उनके कार्यकाल के दौरान भी इनका समाधान नहीं हुआ था।
दिल्ली सरकार का कहना है कि जलनिकासी व्यवस्था सुधारने और नालों की सफाई के बाद इस मानसून में कई पारंपरिक जलभराव वाले स्थानों पर स्थिति बेहतर हुई है। मंत्री ने मिंटो ब्रिज समेत कुछ संवेदनशील अंडरपास का उदाहरण देते हुए तैयारियों के बेहतर परिणाम मिलने का दावा किया है।
हालांकि, शुक्रवार की बारिश ने दिल्ली के सामने एक अलग चुनौती खड़ी कर दी। इस बार समस्या केवल एक-दो जलभराव वाले स्थानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक साथ कई प्रमुख मार्गों पर पानी भरने और यातायात धीमा होने से पूरी राजधानी में जगह-जगह सड़कें जाम की चपेट में आ गईं।