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    कार चोरी की FIR कराकर बीमा क्लेम मांगा, जांच में खुली दिल्ली के शख्स की पोल; हापुड़ से मिली Swift Dzire

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 06:18 AM (IST)

    आरोपी अमित कुमार ने बीमा क्लेम के लिए मालवीय नगर थाने में अपनी कार चोरी की फर्जी एफआईआर दर्ज कराई, जबकि कार हापुड़ में रिश्तेदार के घर छिपाई थी। बीमा ...और पढ़ें

    हापुड़ के आयद नगर गांव में बरामद कार। सौ. पुलिस

    हापुड़ के आयद नगर गांव में बरामद कार। सौ. पुलिस

    HighLights

    1. बीमा क्लेम हेतु कार चोरी की फर्जी एफआईआर।

    2. आरोपी ने हापुड़ में रिश्तेदार के घर छिपाई कार।

    3. बीमा कंपनी की जांच से धोखाधड़ी का खुलासा।

    मुहम्मद रईस, दक्षिणी दिल्ली। मालवीय नगर थाना क्षेत्र में बीमा क्लेम के लिए कार चोरी की फर्जी एफआइआर दर्ज कराने का मामला सामने आया है। चिराग दिल्ली के रहने वाले आरोपित ने अपनी स्विफ्ट डिजायर कार (डीएल 1 जेडए 2608) को हापुड़ में एक रिश्तेदार के यहां छिपा दी।

    फिर मालवीय नगर थाने में कार चोरी की एफआइआर दर्ज कराई और बीमा कंपनी में कार चोरी के क्लेम के लिए आवेदन कर दिया। कंपनी को शक होने पर अलग से जांच कराई तो चोरी का मामला ही फर्जी निकला। क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर टीम ने हापुड़ से कार को बरामद की।

    आरोपित ने नंबर प्लेट हटा रखी थी। वहीं जीपीएस ट्रैकिंग से बचने के लिए एंटीना और बैटरी भी निकाली थी। टीम ने इंजन व चेसिस नंबर से कार की पहचान की। आरोपित के खिलाफ मालवीय नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।

    क्या है पूरा मामला

    शिकायत के मुताबिक आरोपित अमित कुमार ने 16 मई को अपनी सिल्वर कलर की कार चोरी होने सूचना थाने में दी। प्राथमिक पड़ताल करके कुल 38 दिन बाद यानी 22 जून को पुलिस ने एफआइआर दर्ज की।

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    अमित कुमार ने इस एफआइआर के माध्यम से श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी में चोरी का बीमा क्लेम किया। कंपनी के थेफ्ट क्लेम विभाग के असिस्टेंट मैनेजर वरुण सक्सेना ने जांच शुरू की तो घटना संदिग्ध लगी।

    उनकी टीम को वाहन हापुड़ के आयद नगर गांव में छिपाकर रखे जाने की जानकारी मिली। टीम ने दक्षिणी दिल्ली क्राइम ब्रांच की मदद ली और छह अगस्त को आयद नगर पहुंची। गांव में आरोपित के एक रिश्तेदार के घर की पार्किंग में उक्त स्विफ्ट कार को बरामद किया, जो तिरपाल से ढंकी थी।

    बीमा कंपनी के अधिकृत वेंडर ने इंजन व चेसिस नंबर का सत्यापन कर वाहन की पहचान की। कार बरामद होने के बाद आरोपित अमित कुमार के खिलाफ बीमा कंपनी की ओर से मालवीय नगर थाने में शिकायत दी गई है। हालांकि पुलिस ने आरोपों की जांच के बाद एफआइआर दर्ज करने की बात कही है।

    डिवाइस को नहीं मिल पाती बिजली

    जीपीएस ट्रैकर से बचाने के लिए किसी वाहन या उपकरण से बैटरी और एंटीना हटाना सामान्य तरीका है। इससे डिवाइस को बिजली नहीं मिलती और सिग्नल भी सेटेलाइट तक नहीं पहुंच पाता है। वाहन चोर लोकेशन छिपाने और ट्रैक होने से बच निकलने के लिए इन तरीकों को इस्तेमाल करते हैं।

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