दिल्ली में समय पर मिलेंगी सरकारी सेवाएं, जवाबदेही और पारदर्शिता होगी मजबूत
दिल्ली सरकार ने 'दिल्ली (नागरिकों का समयबद्ध और आसानी से सेवाएं पाने का अधिकार) विधेयक, 2026' को मंजूरी दे दी है। यह विधेयक सरकारी सेवाओं की डिलीवरी म ...और पढ़ें

दिल्ली सरकार ने 'आसानी से सेवाएं पाने का अधिकार' विधेयक पास किया। (फाइल फोटो)
HighLights
दिल्ली सरकार ने 'सेवा अधिकार विधेयक 2026' को मंजूरी दी।
सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
नागरिकों को समय पर आसानी से मिलेंगी सरकारी सेवाएं।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने बुधवार (15 जुलाई) को 'दिल्ली (नागरिकों का समयबद्ध और आसानी से सेवाएं पाने का अधिकार) विधेयक, 2026' को मंजूरी दे दी है।
दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने कहा है कि यह सरकारी सेवाओं की डिलीवरी में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार है।
नहीं लगाने पड़ेंगे सरकारी दफ्तरों के चक्कर
अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अगर कोई अधिकारी बिना ठोस वजह सेवा देने में देरी करता है तो उस पर हर दिन 250 रुपये का जुर्माना लगेगा, जो अधिकतम 5000 रुपये तक हो सकता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस कानून से दिल्ली में प्रशासनिक सुधारों को बड़ा बल मिलेगा। इसका मकसद प्रशासन को नागरिक-केंद्रित और जवाबदेह बनाना है।
मुख्य बातें:
- जवाबदेही तय: बिना वजह देरी पर अधिकारी पर ₹250/दिन का जुर्माना, अधिकतम ₹5,000 तक। दंड से पहले अधिकारी को सफाई का मौका मिलेगा।
- नागरिकों का अधिकार: अधिसूचित सरकारी सेवाएं तय समय-सीमा में मिलना अब कानूनी अधिकार होगा।
- पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन: आवेदन से लेकर सेवा मिलने तक सब डिजिटल होगा। आवेदन संख्या और स्टेटस की रियल-टाइम ट्रैकिंग होगी, जिससे दफ्तरों के चक्कर कम होंगे।
- 2011 के कानून की जगह: ये विधेयक 2011 के एक्ट को बदलेगा और तकनीक से सेवाओं को तेज, पारदर्शी बनाएगा।
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