सीएक्यूएम की NCR में वायु प्रदूषण पर हुई 24वीं बैठक; सड़क धूल, पराली और कचरा प्रबंधन पर गहन मंथन
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की 24वीं बैठक में एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों की विस्तृत समीक्षा की गई। अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्य ...और पढ़ें

एनसीआर में व्याप्त प्रदूषण को कम करने के लिए उठाये जा रहे कदमों की समीक्षा की। फाइल फोटो

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की सुरक्षा एवं प्रवर्तन उप-समिति की 24वीं बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई। बैठक में एनसीआर के राज्यों, जीएनसीटीडी और पंजाब सरकार की ओर से वायु प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों पर की जा रही कार्रवाइयों की विस्तृत समीक्षा की गई।इस बीच प्रगति रिपोर्ट पर भी गहन चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता सीएक्यूएम के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने की। आयोग ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण, सड़क पर उड़ रही धूल, निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) कचरा, पराली जलाने, नगरपालिका ठोस कचरा प्रबंधन और अन्य क्षेत्रों में की जा रही कार्रवाइयों की समीक्षा की।
मुख्य बिंदु और प्रगति की समीक्षा
- दिल्ली और एनसीआर शहरों में ट्रैफिक जाम वाले हॉटस्पॉट की पहचान और उन्हें कम करने के उपायों की समीक्षा।
- जीएनसीटीडी द्वारा एमसीडी बॉर्डर एंट्री पॉइंट्स पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरों की स्थापना और संचालन की स्थिति (निर्देश संख्या 88)।
- बीएस-III और उससे पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई (सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में)।
- एनसीआर में डीजल ऑटो-रिक्शा को पूरी तरह समाप्त कर 31 दिसंबर 2026 तक केवल सीएनजी/इलेक्ट्रिक ऑटो चलाने की प्रगति (निर्देश संख्या 70)।
- मोटर वाहन एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स और ई-कॉमर्स कंपनियों में क्लीनर मोबिलिटी को तेज करने की प्रगति (निर्देश संख्या 94, 1 जनवरी 2026 से प्रभावी)।
सड़क धूल और निर्माण-विध्वंस कचरा
- अतिरिक्त मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों (एमआरएसएम) की खरीद और धूल हॉटस्पॉट पर लक्षित कार्रवाई (आयोग के 10 फरवरी 2026 के सर्कुलर के अनुसार)।
- सीएंडडी कचरे के संग्रह, परिवहन, प्रसंस्करण और प्रबंधन की स्थिति।
- शहरी स्थानीय निकायों द्वारा रिसाइकिल्ड उत्पादों के ऑफ-टेक को अनिवार्य करने की प्रगति।
- निर्माण परियोजनाओं से धूल नियंत्रण (निर्देश संख्या 97)।
पराली जलाना
- 2026 में गेहूं की पराली जलाने की निगरानी और रोकथाम के लिए तैयारियां।
- ईंट भट्टों में पैडी स्ट्रॉ आधारित बायोमास पेलेट्स के उपयोग को अनिवार्य करने की प्रगति (निर्देश संख्या 92, पंजाब और हरियाणा के गैर-एनसीआर जिलों में 1 नवंबर 2028 तक 50% लक्ष्य)।
नगरपालिका ठोस कचरा (एमएसडब्ल्यू) और बायोमास प्रबंधन
- पुराने कचरे (लेगेसी एमएसडब्ल्यू) के निपटान, नए कचरे के प्रसंस्करण क्षमता विस्तार और खुले में जलाने/लैंडफिल आग रोकने के उपाय (निर्देश संख्या 91)।
अन्य क्षेत्र
- एनसीआर में उद्योगों में सख्त उत्सर्जन मानकों का प्रवर्तन (निर्देश संख्या 98)।
- एनसीआर जिलों में निरंतर वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों (सीएएक्यूएमएस) की संख्या बढ़ाना।
- एनसीआर राज्यों की वार्षिक कार्य योजनाओं के तहत प्रगति की समीक्षा।
- निर्देश संख्या 85, 86 और 87 के अनुपालन के लिए आकस्मिक निरीक्षण टीमों की तैनाती।
- सोशल मीडिया पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण।
बैठक में सभी कार्यान्वयन एजेंसियों ने प्रतिबद्धता जताई कि वे वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों की नियमित समीक्षा करेंगे और विभिन्न क्षेत्रों में सख्त लक्षित कार्रवाई जारी रखेंगे। सीएक्यूएम ने स्पष्ट किया कि एनसीआर और आस-पास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण कम करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को समन्वित और प्रभावी प्रयास करने होंगे।
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