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    NCR में वायु प्रदूषण के खिलाफ चलेगा 'महाभियान', CAQM ने जारी किया नया फ्रेमवर्क

    Updated: Tue, 03 Mar 2026 10:33 PM (IST)

    वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक व्यापक सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) फ्रेमवर् ...और पढ़ें

    NCR में प्रदूषण से निपटने के लिए चलेगा महा अभियान।

    NCR में प्रदूषण से निपटने के लिए चलेगा महा अभियान।

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    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में साल भर रहने वाले प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने एक बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने दिल्ली सहित सभी एनसीआर राज्यों को एक व्यापक सूचना, शिक्षा और संचार फ्रेमवर्क जारी किया है। इसका मुख्य उद्देश्य केवल नियमों को लागू करना ही नहीं, बल्कि आम जनता के व्यवहार में बदलाव लाकर उन्हें इस लड़ाई का हिस्सा बनाना है।

    प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान

    सीएक्यूएम ने प्रदूषण के मुख्य स्रोतों की पहचान करते हुए उनके लिए अलग-अलग रणनीतियां तैयार की हैं:-

    वाहनों से उत्सर्जन : पुराने वाहनों (उम्रदराज वाहनों) को हटाने, पीयूसी नियमों का पालन करने और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।

    पराली और कचरा जलाना : किसानों को पराली प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के लिए ग्राम स्तर पर कैंप लगाए जाएंगे। साथ ही, खुले में कचरा जलाने और बायोमास बर्निंग को रोकने के लिए नगर निकायों को 'नुक्कड़ नाटक' और 'इन्फ्लुएंसर कैंपेन' का सहारा लेने को कहा गया है।

    धूल नियंत्रण : सड़कों और निर्माण स्थलों (सीएंडडी) से उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए वाटर स्प्रिंकलिंग और एंटी-स्मॉग गन के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है।

    औद्योगिक और थर्मल प्लांट : उद्योगों में स्वच्छ ईंधन और उत्सर्जन मानकों के पालन के लिए तकनीकी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

    जन-भागीदारी और डिजिटल आउटरीच

    आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रदूषण केवल दंडात्मक कार्रवाई से कम नहीं होगा। इसके लिए बहु-स्तरीय संचार अपनाया जाएगा, जिसमें शामिल हैं:-

    इंटरनेट मीडिया और डिजिटल कैंपेन : युवाओं और नागरिकों तक पहुँच बनाने के लिए।

    सामुदायिक जुड़ाव : रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए), मार्केट एसोसिएशन और किसान यूनियनों के साथ नियमित बैठकें।

    रेडियो और विज्ञापन : रेडियो जिंगल्स और विज्ञापनों के माध्यम से स्वास्थ्य प्रभावों की जानकारी देना।

    राज्यों को निर्देश : तैयार करें 'एक्शन प्लान'

    सीएक्यूएमने दिल्ली और अन्य एनसीआर राज्यों को निर्देश दिया है कि वे इस फ्रेमवर्क के आधार पर अपना राज्य-स्तरीय एक्शन प्लान तैयार करें। इसके लिए एक नोडल विभाग भी नामित किया जाएगा जो सभी गतिविधियों की निगरानी करेगा। सभी नगर निगमों और विकास प्राधिकरणों को भी 2026 के लिए अपनी योजना में इसे शामिल करने को कहा गया है। सीएक्यूएम का कहना है, "प्रदूषण एक बहु-क्षेत्रीय चुनौती है। इसके लिए केवल सरकारी आदेश काफी नहीं हैं, बल्कि नागरिकों के व्यवहार में बदलाव और सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।"

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