‘आखिर कब तक?’ सत्य निकेतन हादसे के बाद ABVP का DU में सेफ्टी मार्च, PG के सुरक्षा ऑडिट की मांग
सत्य निकेतन हादसे के विरोध में एबीवीपी ने डीयू के नार्थ कैंपस में छात्र सुरक्षा मार्च निकाला, जिसमें पीजी आवासों ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
सत्य निकेतन हादसे के विरोध में एबीवीपी ने छात्र सुरक्षा मार्च निकाला।
डीयू में पीजी आवासों के तत्काल सुरक्षा ऑडिट की मांग की।
प्रशासनिक लापरवाही पर एमसीडी आयुक्त के इस्तीफे की मांग की गई।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। सत्य निकेतन हादसे के विरोध और छात्र सुरक्षा की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने मंगलवार को डीयू के नार्थ कैंपस में स्टूडेंट सेफ्टी मार्च निकाला।
आखिर कब तक? के नारे के साथ निकाले गए मार्च में डीयू के विभिन्न कालेजों के बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया। मार्च रग्बी ग्राउंड से शुरू होकर आर्ट्स फैकल्टी पहुंचा।
एबीवीपी ने मांग की कि दिल्ली विश्वविद्यालय और छात्र बहुल इलाकों में संचालित सभी पीजी आवासों का तत्काल सुरक्षा और संरचनात्मक आडिट कराया जाए। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले पीजी संचालकों और भवन मालिकों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
संगठन ने डीयू में नए छात्रावास बनाने और मौजूदा छात्रावासों की क्षमता बढ़ाने की भी मांग की, ताकि छात्र असुरक्षित पीजी और किराये के भवनों में रहने को मजबूर न हों।
एमसीडी आयुक्त का इस्तीफा मांगा
एबीवीपी ने सत्य निकेतन हादसे को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए जिम्मेदारी तय करने और एमसीडी आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री डा. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि छात्र भविष्य बनाने के लिए दिल्ली आते हैं, उन्हें सुरक्षित आवास के अभाव में जान जोखिम में नहीं डालनी चाहिए। अब आश्वासन नहीं, जवाबदेही तय होनी चाहिए।
एबीवीपी दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि सत्य निकेतन हादसा बदलाव का आधार बनना चाहिए। प्रत्येक पीजी का आडिट और उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है। डीयू छात्रसंघ अध्यक्ष आर्यन मान ने कहा कि सुरक्षित आवास और पर्याप्त छात्रावास लंबे समय से छात्रों की मांग हैं।
छात्र सुरक्षा हादसे के बाद दिया जाने वाला आश्वासन नहीं, बल्कि व्यवस्था का स्थायी हिस्सा होना चाहिए।
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