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125 अरब रुपये उधार लेंगे मुकेश अंबानी, जारी करेंगे लोकल-करेंसी बॉन्ड; बाजार में होगी इस साल की सबसे बड़ी डील

Published: Tue, 08 Sep 2026 06:42 PM (IST)

रिलायंस इंडस्ट्रीज अगले हफ्ते तक लोकल-करेंसी बॉन्ड के जरिए 1.3 अरब डॉलर जुटाने की योजना बना रही है, जो इस साल की सबसे बड़ी लिस्टेड डील होगी।

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड लोकल-करेंसी बॉन्ड जारी करने की तैयारी में

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड लोकल-करेंसी बॉन्ड जारी करने की तैयारी में

HighLights

  1. रिलायंस 1.3 अरब डॉलर के लोकल-करेंसी बॉन्ड जारी करेगी।

  2. यह इस साल की सबसे बड़ी लिस्टेड डील होगी।

  3. बॉन्ड AAA रेटेड होंगे, 5 साल में मैच्योर होंगे।

नई दिल्ली। देश के सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी को बिजनेस के लिए 125 अरब रुपये की जरुरत है और इसके लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड अगले हफ़्ते तक लोकल-करेंसी बॉन्ड के ज़रिए 1.3 अरब डॉलर तक जुटाने की योजना बना रही है। यह इस साल बाज़ार में सबसे बड़ी लिस्टेड डील होगी। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि कंपनी AAA रेटिंग वाले नोट्स के ज़रिए फंड जुटाने की योजना बना रही है।

ये नोट्स पांच साल में मैच्योर होंगे और इन पर 7.47% का कूपन रेट होगा। जानकारी निजी होने के कारण इन लोगों ने अपनी पहचान उजागर न करने का अनुरोध किया। यह रेट सोमवार को खत्म हुए टॉप-रेटेड पांच-साल के कॉर्पोरेट बॉन्ड पर मिलने वाले 7.87% के औसत यील्ड से काफी कम है।

3 साल बाद बॉन्ड की पहली बिक्री

नवंबर 2023 के बाद से इस ग्रुप की यह पहली बॉन्ड बिक्री होगी। इस साल की धीमी शुरुआत के बाद, इससे लोकल डेट मार्केट को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि कम ब्याज दरों के कारण कंपनियां अपनी फंडिंग की ज़रूरतों के लिए बैंक लोन ले रही थीं। महंगाई का खतरा बढ़ने के कारण रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के इस साल के आखिर में मॉनेटरी पॉलिसी को सख्त करने की उम्मीद है। इसी बीच, रिलायंस भी उन भारतीय कंपनियों में शामिल हो गई है जो बॉन्ड जारी करने पर विचार कर रही हैं।

यह बॉन्ड ऑफरिंग ग्रुप द्वारा फंड जुटाने की एक और बड़ी कोशिश के साथ हो रही है। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने पहले बताया था कि रिलायंस की डिजिटल और टेलीकम्युनिकेशन कंपनी, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड, नवंबर तक अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से 4 बिलियन डॉलर तक जुटा सकती है।

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ब्लूमबर्ग के डेटा के अनुसार, इस साल अब तक भारतीय कंपनियों ने घरेलू बॉन्ड के ज़रिए 8.9 ट्रिलियन रुपये का कर्ज़ लिया है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 11% कम है। टॉप-रेटेड तीन साल के कंपनी बॉन्ड पर यील्ड पिछले साल 70 बेसिस पॉइंट बढ़ी। वहीं, सेंट्रल बैंक के ताज़ा डेटा से पता चलता है कि जुलाई तक 12 महीनों में बैंकों द्वारा मंज़ूर किए गए नए रुपये-कर्ज़ पर वेटेड एवरेज रेट 29 बेसिस पॉइंट कम हुआ।