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फिर महंगी हुई खाने की थाली, प्याज-तेल की बढ़ती कीमत का दिखा असर! कितने में मिलेगी वेज-नॉनवेज थाली?

Published: Tue, 08 Sep 2026 08:16 PM (IST)

अगस्त में चीनी, खाद्य तेल और प्याज की महंगाई के कारण घरों में बनने वाले भोजन की लागत बढ़ गई। जिसमें प्याज और तेल की कीमतों का बड़ा योगदान रहा।

खाने की थाली फिर हुई महंगी

खाने की थाली फिर हुई महंगी

HighLights

  1. शाकाहारी थाली की लागत सालाना 1% बढ़कर ₹29.5 हुई।

  2. मांसाहारी थाली की लागत सालाना 5% बढ़कर ₹57.5 हुई।

  3. प्याज 43% और खाद्य तेल 11% महंगा हुआ, आलू-टमाटर सस्ते हुए।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| चीनी, खाद्य तेल, प्याज और दालों जैसे प्रमुख खाद्य पदार्थों की महंगाई के साथ ही घरों में बनने वाले भोजन की लागत अगस्त में मामूली रूप से बढ़ गई। वेज थाली की लागत में सालाना आधार पर 1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद इसकी कीमत ₹29.5 हो गई। वहीं मांसाहारी थाली की लागत 5% बढ़कर ₹57.5 हो गई है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल इंटेलिजेंस की मंगलवार को जारी मासिक रिपोर्ट के मुताबिक, प्याज, खाद्य तेल, चावल और LPG की ऊंची कीमतों ने थाली की लागत को ऊंचा बनाए रखा है। हालांकि, आलू और टमाटर की कीमतों में गिरावट से कुल बढ़ोतरी में बहुत अधिक असर नहीं देखने को मिला है।

कितनी महंगी हुईं रसोई की जरूरी चीजें?

क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त में प्याज की कीमत सालाना आधार पर 43% बढ़ी है जिससे इसके दाम ₹40 प्रति किलोग्राम हो गए, जो 1 साल पहले ₹28 प्रति किलोग्राम थी। महाराष्ट्र में मार्च-अप्रैल में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से आपूर्ति प्रभावित होने के कारण प्याज की कीमत बढ़ी। इस दौरान खाने तेल की कीमत में भी 11 फीसदी और LPG यानी रसोई गैस की कीमत में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वहीं, आलू की कीमत 12% और टमाटर की कीमत 28% घटने से थाली की लागत में कुल बढ़ोतरी को सीमित करने में मदद मिली।

क्यों महंगी हुई नॉनवेज थाली?

रसोई में काम आने वाली जरूरी चीजों की महंगाई के चलते शाकाहारी थाली की लागत में सालाना और मासिक दोनों आधार पर एक-एक प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई है। वहीं मुर्गे के मांस की कीमत में 10% की बढ़ोतरी के कारण मांसाहारी थाली की लागत सालाना आधार पर 5 प्रतिशत बढ़कर ₹57.5 हो गई। हालांकि, जुलाई की ₹58.3 की लागत की तुलना में अगस्त में यह 1 प्रतिशत कम रही।

3 महीने तक नहीं कम होगी प्याज की कीमत

क्रिसिल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर पुषन शर्मा ने कहा कि अगले दो-तीन महीनों तक प्याज की कीमतें ऊंची बनी रहने का अनुमान है। इसकी वजह रबी फसल की कम आपूर्ति और खरीफ फसल की आवक में देरी है।

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मासिक आधार पर अगस्त में प्याज की कीमत 17 प्रतिशत बढ़ी, लेकिन टमाटर की कीमत में 7 प्रतिशत की गिरावट से इसका असर सीमित रहा। रिपोर्ट के मुताबिक श्रावण माह के कारण मुर्गे के मांस की कीमत में 4 प्रतिशत की मासिक गिरावट आई। इससे अगस्त में मांसाहारी थाली की लागत जुलाई के मुकाबले एक प्रतिशत घट गई।