8th Pay Commission: 80 साल में ₹55 से 18 हजार हुआ न्यूनतम मूल वेतन, अब 30 हजार पार होगा कर्मचारियों का बेसिक पे?
केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग का इंतजार है, जिससे न्यूनतम बेसिक पे ₹30,000 या उससे अधिक होने की उम्मीद है। पिछले 80 सालों में सरकारी कर्मचारियों का मूल वेतन ₹55 से बढ़कर ₹18,000 हुआ है, और अब यह और बढ़ने की संभावना है।
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सरकारी कर्मचारियों का मूल वेतन ₹55 से ₹18,000 तक बढ़ा।
HighLights
8वें वेतन आयोग से न्यूनतम बेसिक पे ₹30,000 पार संभव।
सरकारी कर्मचारियों का मूल वेतन ₹55 से ₹18,000 तक बढ़ा।
नया वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकता है।
नई दिल्ली। 8th Pay Commission News: इस समय केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स कों 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट का इंतजार है। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही केंद्र सरकार सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में इजाफा करेगी। 8वें वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक पे कितनी होगी, इस बात की चर्चा हो रही है। फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से ही बेसिक सैलरी में इजाफा होगा।
केंद्र सरकार के कर्मचारी यूनियनें 3.83 तक के मल्टीप्लायर की मांग कर रही हैं। वहीं विशेषज्ञों के अनुमान और संभावित स्थितियों के अनुसार यह दायरा 1.82 से 2.86 के बीच रहने की उम्मीद है। लेकिन क्या आपको पता है कि भारत में जब से वेतन आयोग लागू हुआ तब से अब तक कितना बेसिक पे हो चुका है। आइए इसी के बारे में जानते हैं।
80 सालों में कितना बदला सरकारी कर्मचारियों का बेसिक पे
केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी में पिछले करीब 80 वर्षों में बड़ा बदलाव आया है। आज जिस न्यूनतम बेसिक पे की शुरुआत 18,000 रुपये से होती है, वह सफर 55 रुपये महीने से शुरू हुआ था। समय के साथ अलग-अलग वेतन आयोगों ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बदलाव किए और न्यूनतम बेसिक पे में लगातार बढ़ोतरी हुई।
अब कर्मचारियों की नजर 8वें वेतन आयोग पर है। हालांकि, आयोग ने अभी न्यूनतम बेसिक पे को लेकर कोई अंतिम आंकड़ा तय नहीं किया है। ऐसे में 30 हजार रुपये या इससे अधिक की बेसिक पे की चर्चा फिलहाल अनुमान और संभावित फिटमेंट फैक्टर पर आधारित है।
- पहला वेतन आयोग (1946-47): न्यूनतम बेसिक पे ₹55 और अधिकतम ₹2,000; प्रभावी वर्ष 1946-47।
- दूसरा वेतन आयोग (1957-59): न्यूनतम बेसिक पे ₹80 और अधिकतम ₹3,000; लागू वर्ष 1959।
- तीसरा वेतन आयोग (1972-73): न्यूनतम बेसिक पे ₹196 और अधिकतम ₹3,500; लागू वर्ष 1973।
- चौथा वेतन आयोग (1983-86): न्यूनतम बेसिक पे ₹750 और अधिकतम ₹8,000; लागू वर्ष 1986।
- पांचवां वेतन आयोग (1994-97): न्यूनतम बेसिक पे ₹2,550 और अधिकतम ₹26,000; लागू वर्ष 1997।
- छठा वेतन आयोग (2006-08): न्यूनतम बेसिक पे ₹7,000 और अधिकतम ₹80,000; प्रभावी वर्ष 2006।
- सातवां वेतन आयोग (2014-16): न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 और अधिकतम ₹2.25 लाख, जबकि कैबिनेट सेक्रेटरी के लिए ₹2.50 लाख; लागू 1 जनवरी 2016 से।
कब से लागू होगा 8वां वेतन आयोग?
8वां केंद्रीय वेतन आयोग 1 जनवरी, 2026 से सैद्धांतिक रूप से लागू हो जाएगा, हालांकि इसे असल में लागू करने और भुगतान की तारीख इस बात पर निर्भर करेगी कि 8th Pay Commission अपनी रिपोर्ट कब सौंपता है और उसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी कब मिलती है।
मौजूदा समय में 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक पे 18,000 रुपये है। अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को मौजूदा स्तर से ऊपर रखा जाता है, तो न्यूनतम बेसिक पे 30 हजार रुपये से ऊपर जा सकती है।
कुछ अनुमानित गणनाओं में 1.92 के फिटमेंट फैक्टर पर बेसिक पे करीब 34,560 रुपये और 2.28 के फैक्टर पर करीब 41,040 रुपये बनती है। वहीं 2.57 के फिटमेंट फैक्टर पर यह रकम करीब 46,260 रुपये और 2.86 के फैक्टर पर करीब 51,480 रुपये हो सकती है। लेकिन ये केवल गणनाएं हैं, सरकार या 8वें वेतन आयोग की ओर से तय वेतन नहीं।
