बिहार में शाहपुर पटोरी-कर्पूरीग्राम रेल लाइन की मांग तेज, विजय चौधरी के डिप्टी सीएम बनने से जगी नई आस
समस्तीपुर जिले में Shahpur Patori – Karpurigram Rail Line की मांग उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी के आने के बाद तेज हो गई है। यह परियोजना समस्तीपुर, दरभंगा, ...और पढ़ें

समस्तीपुर में नई रेल लाइन की डिमांड तेज। फाइल फोटो

समय कम है?
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संवाद सहयोगी, सरायरंजन। समस्तीपुर जिले के शाहपुर पटोरी से कर्पूरीग्राम तक प्रस्तावित नई रेल लाइन के निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। विजय कुमार चौधरी के उप मुख्यमंत्री बनने के बाद इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को लेकर क्षेत्र में नई उम्मीद जगी है।
लंबे समय से उपेक्षित इस मांग को अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से लिए जाने की चर्चा है। पांच माह पूर्व क्षेत्र के लोगों ने पूर्व मध्य रेल के उप महाप्रबंधक को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर आगामी बजट में इस रेल लाइन के सर्वेक्षण की मांग की थी।
रेल प्रशासन ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए सर्वेक्षण प्रस्ताव को संबंधित विभाग को भेजने का आश्वासन दिया है। यदि परियोजना को मंजूरी मिलती है, तो यह पूर्व मध्य रेलवे की एक महत्वपूर्ण योजना बन सकती है।
ज्ञापन में कहा गया था कि इस परियोजना के पूरा होने से समस्तीपुर के साथ-साथ दरभंगा, वैशाली और मुजफ्फरपुर जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
यदि यह रेल लाइन साकार होती है, तो यह न केवल समस्तीपुर बल्कि पूरे उत्तर बिहार के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। अब निगाहें सरकार और रेलवे विभाग की अगली पहल पर टिकी हैं।
प्रस्तावित मार्ग से बदलेगी तस्वीर
प्रस्तावित रेल लाइन शाहपुर पटोरी से शुरू होकर मरीचा, हलई, वनवीरा, हरपुर भिंडी, निकसपुर, चंदौली और ताजपुर होते हुए कर्पूरीग्राम तक जाएगी। वर्तमान में यह पूरा क्षेत्र मुख्य रूप से सड़क परिवहन पर निर्भर है, जहां सुविधाएं सीमित हैं। रेल लाइन बनने से इन इलाकों का सीधा जुड़ाव समस्तीपुर, हाजीपुर और पटना जैसे प्रमुख शहरों से हो सकेगा।
आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बल
कृषि प्रधान इस इलाके में रेल संपर्क बेहतर होने से किसानों को अपने उत्पाद बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा होगी। इससे उन्हें बेहतर मूल्य मिलेगा और आय में वृद्धि होगी। छोटे व्यापारियों और उद्यमियों के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा और पलायन में कमी आएगी।
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बेहतर कनेक्टिविटी से छात्रों को उच्च शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने और मरीजों को बड़े अस्पतालों में इलाज कराने में आसानी होगी। इससे क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेल सुविधा के अभाव में छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को लंबी दूरी सड़क मार्ग से तय करनी पड़ती है। नई रेल लाइन बनने से यात्रा सस्ती, तेज और सुरक्षित होगी। साथ ही धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी आसान होगी, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।