बिहार में भीषण गर्मी के बीच बढ़ी 'सत्तू' की डिमांड, लू भगाने के साथ ऊर्जा देने में लाभकारी
भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के कारण पटना में पारंपरिक पेय सत्तू की मांग में तेजी से वृद्धि हुई है। यह सस्ता, पौष्टिक और शरीर को ठंडक देने वाला विकल्प ह ...और पढ़ें

बिहार का फेमस सत्तू ड्रिंक। फाइल फोटो

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जागरण संवाददाता, पटना। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच राजधानी में पारंपरिक पेय सत्तू की मांग तेजी से बढ़ गई है। राज्य में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने के बाद लोग गर्मी से राहत पाने के लिए सत्तू का सहारा ले रहे हैं। शहर के विभिन्न इलाकों में सत्तू की दुकानों पर सुबह से शाम तक लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
महंगे कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेज्ड पेयों के मुकाबले सत्तू लोगों के लिए सस्ता, पौष्टिक और शरीर को ठंडक देने वाला विकल्प बनकर उभरा है। भुने चने से तैयार होने वाला यह पारंपरिक पेय शरीर में पानी की कमी दूर करने के साथ ऊर्जा भी देता है।
राजाबाजार के पास सत्तू बेचने वाले कौशल किशोर ने बताया कि गर्मी के दिनों में उनके स्टाल पर प्रतिदिन काफी लोग सत्तू पीने पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सत्तू पेट को ठंडक देता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।
नींबू और मसालों के साथ तैयार किया गया सत्तू लोगों को लू और डिहाइड्रेशन से राहत देने में मदद कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बढ़ती गर्मी में सत्तू किसी प्राकृतिक एनर्जी ड्रिंक की तरह काम कर रहा है।
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लोगों ने बताया कि तेज धूप और उमस के बीच सत्तू पीने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और कमजोरी भी कम महसूस होती है।
आयुर्वेद के अनुसार सत्तू के लाभ
राजकीय आयुर्वेद कॉलेज एवं अस्पताल के अधीक्षक वैद्य डॉ. शिवादित्य ठाकुर ने बताया कि गर्मी के मौसम में पर्याप्त पानी, ओआरएस और पारंपरिक पेय पदार्थों का सेवन शरीर को हाइड्रेट रखने में सहायक होता है।
ऐसे में सत्तू एक सुलभ और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प के रूप में लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि सत्तू का जल के साथ निर्माण होता है। इसे दो-तीन प्रकार से लेते है। इसमें नमक, शक्कर, जीरा, जमाइन का भुना हुआ पाउडर के साथ लेने से यह काफी लाभदायी होता है।
इसमें काफी प्रोटीन भरा होता है। इस गर्मी के मौसम में शरीर में जल का अभाव हो जाता है, ऐसे में सत्तू खाने या पीने के बाद बार-बार पानी पीने की इच्छा होती है। इससे यह काफी लाभदायी माना जाता है।
सत्तू की बिक्री में 40 प्रतिशत तक वृद्धि
बिहार राज्य व्यावसायिक संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने बताया कि गर्मी के बढ़ने के साथ ही चने की सत्तू की बिक्री में 40 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। सत्तू 140 से 160 रुपये प्रति किलो मिल रहे हैं। ज्यादातर लोग अपने पास वाले के मिल से भी खरीदारी कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त पैकेट वाले सत्तू की भी बिक्री हो रही है।