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    बिहार में निवेश के लिए सरकार का मास्टर प्लान, DM-SP हर 3 माह में व्यवसायियों संग करेंगे बैठक; तुरंत होगा समाधान

    Updated: Mon, 25 May 2026 04:45 AM (IST)

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में कारोबारियों और उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि हर तीन माह पर डीएम-एसपी व्यव ...और पढ़ें

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। फाइल फोटो

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। फाइल फोटो

    HighLights

    1. हर तीन माह पर डीएम-एसपी करेंगे व्यवसायियों से बैठक।

    2. औद्योगिक नीति-2025 में सुझावों के आधार पर होंगे बदलाव।

    3. राघोपुर ब्रिज उद्घाटन अगले माह, बिहार में IPL टीम की मांग।

    जागरण संवाददाता, पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को प्रदेश के कारोबारियों-उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में उद्योग लगाने वाले कारोबारियों की सुरक्षा व उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह गंभीर है।

    इसके लिए अब हर तीन माह पर हर जिले के डीएम व एसपी व्यवसायियों व उद्योग संगठनों के साथ बैठक करेंगे। बैठकों में सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक अड़चन, जीएसटी, श्रम कानून, बैंकिंग, प्रदूषण नियंत्रण व उद्योग से जुड़ी तमाम छोटी-बड़ी समस्याओं का ऑन द स्पॉट समाधान किया जाएगा।

    सुझाव के आधार पर बनेगी औद्योगिक नीति 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग स्थापित करने के लिए सबसे जरूरी चीज भरोसा व सुरक्षा है। सरकार उद्योग जगत की हर समस्या का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति-2025 में कई संशोधन हुए हैं और जरूरत पड़ने पर आगे भी बदलाव किए जाएंगे।

    अगर औद्योगिक नीति में किसी भी स्तर पर बदलाव की जरूरत महसूस हो तो उद्योग मंत्री से मिलें, आपकी जरूरत व सुझाव के अनुसार ही नई नीति बनाई जाएगी। सरकार ऐसी उद्योग नीति चाहती है, जो कागजों तक सीमित नहीं रहे बल्कि धरातल पर उद्योग खड़े करे।

    खबरें और भी

    बिहार चैंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (BBCI) के शताब्दी वर्ष पर आयोजित दो दिवसीय व्यवसायिक समागम के दूसरे दिन रविवार को समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने उद्योग, निवेश व इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं।

    समागम में प्रदेश के कोने-कोने से 70 से अधिक संगठनों के 250 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अंतिम सत्र में विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों ने जीएसटी, आयकर, श्रम कानूनों, कंपनी अधिनियम, प्रदूषण नियंत्रण, फायर आडिट, बैंकिंग, विधि-व्यवस्था आदि से संबंधित समस्याओं का समाधान कराने का अनुरोध किया ।

    प्रवासी बिहारियों से लौटने की अपील

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बड़े उद्योगों को आकर्षित करने व राज्य के विकास के लिए पहली जरूरत स्थानीय व्यापारियों व निवेशकों का भरोसा जीते बिना बाहर के बड़े उद्योगपतियों में विश्वास पैदा नहीं किया जा सकता।

    मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था पर सख्त संदेश दिया। व्यापारियों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है और अपराधियों को किसी भी कीमत पर संरक्षण नहीं दिया जाएगा। प्रदेश में किसी भी आपराधिक घटना पर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने देश-विदेश में रह रहे प्रदेश के उद्यमियों से आग्रह किया कि अब बिहार लौटने का समय आ गया है। प्रदेश में उद्योगों के लिए बेहतर अवसर तैयार हो रहे हैं।

    भविष्य में उद्योग से जुड़ा जो फैसला होगा, वह आप सबकी सहमति से होगा। बिहार को विकसित व समृद्ध बनाने में उद्योग जगत की भूमिका सबसे अहम है। जब बिहार आगे बढ़ेगा, तभी देश भी तेजी से विकास करेगा और सरकार इसमें पूरा सहयोग देगी।

    राघोपुर ब्रिज का अगले माह उद्घाटन

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने देश की टाप-10 उद्योग नीतियां बनाई, लेकिन उसके हिसाब से अब तक यहां न तो उद्योग स्थापित हुए और न ही निवेश आया। 2012-13 में जेपी गंगा पथ का निर्माण शुरू हुआ, जो 2025 में पूरा हुआ। अगले तीन वर्षों में हम गंगा व सोन नदी पर 126 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव बनाने जा रहे हैं।

    उत्तर बिहार से दक्षिण बिहार को जोड़ने के लिए पांच सेतु का निर्माण किया जा रहा है। जेपी सेतु और महात्मा गांधी सेतु के समानांतर पुल का निर्माण कराया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राघोपुर ब्रिज का अगले माह प्रधानमंत्री या गृह मंत्री उद्घाटन करेंगे। राघोपुर ब्रिज के शुरू हो जाने से समस्तीपुर, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर जैसे उत्तर बिहार के जिले पटना से जुड़ जाएंगे।

    राघोपुर ब्रिज, महात्मा गांधी सेतु, जेपी सेतु दिघवारा पुल में नए एलिवेटेड पथ एवं अप्रोच पथ का निर्माण कराया जा रहा है। इसका नाम गंगा-अंबिका पथ होगा।

    अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, आरा और पटना में जलापूर्ति की समस्या को दूर करने के लिए सोन नदी पर बराज बनाया जाएगा ताकि दक्षिण बिहार में सूखे की स्थिति से निपटा जा सके। बंद चीनी मिलों को चालू करने के लिए इसे को-आपरेटिव से जोड़ा जा रहा है।

    बिहार की हो IPL टीम 

    प्रदेश में 14 करोड़ लोगों का मार्केट है। BCCI से हम आग्रह करेंगे कि बिहार में भी एक आइपीएल की टीम बनाएं, ताकि यहां के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मौका मिल सके।

    1926 में स्थापित बिहार चैंबर आफ मामर्स एंड इंडस्ट्रीज ने 100 वर्ष पूरे किए हैं, हमारी शुभकामना है कि 500 वर्षों तक यह संस्था आगे बढ़े और देश-प्रदेश की प्रगति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करे।

    कार्यक्रम को BCCI के अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा आर्थिक स्वावलंबन हेतु निशुल्क संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण कर केंद्र की महिलाओं से बातचीत की।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव सह वित्त सचिव संजय कुमार सिंह, बीसीसीआइ के महासचिव मुकेश कुमार जैन, उपाध्यक्ष एनके ठाकुर, उपाध्यक्ष विशाल टेकरीवाल, कोषाध्यक्ष राजेश जैन, पूर्व अध्यक्ष सुभाष कुमार पटवारी समेत विभिन्न जिलों के व्यवसायी उपस्थित थे।

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