किशनगंज में नशे के खिलाफ SP की बड़ी मुहिम, 7 महीने में 133 तस्कर गिरफ्तार
किशनगंज में एसपी संतोष कुमार के नेतृत्व में जनवरी 2026 से शुरू हुए नशा विरोधी अभियान ने जनांदोलन का रूप ले लिया है। ...और पढ़ें

संतोष कुमार, एसपी, किशनगंज। (जागरण)
HighLights
किशनगंज में एसपी संतोष कुमार के नेतृत्व में नशा विरोधी अभियान।
सात माह में 133 तस्करों को जेल भेजा गया।
मादक पदार्थ और 50 लाख से अधिक नकदी जब्त।
अमरेंद्र कांत, किशनगंज। नेपाल, बंगाल और बांग्लादेश की सीमाओं से सटा बिहार का किशनगंज जिला लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी का 'ट्रांजिट जोन' रहा है।
हालांकि, जनवरी 2026 में एसपी संतोष कुमार के पदभार ग्रहण करने के बाद यहां नशे के खिलाफ लड़ाई शुरू हुई, जिसने अब एक जनांदोलन का रूप ले लिया है।
नशे के विशाल नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एसपी ने पुलिसिंग का पारंपरिक तरीका बदला। अपना मोबाइल नंबर सार्वजनिक किया और गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चलाया।
जो ग्रामीण पहले पुलिस के पास जाने से कतराते थे, वे अब बेझिझक सटीक जानकारी देने लगे। त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए एक विशेष 'एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स' का गठन किया गया, जिसने सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल के साथ बेहतरीन समन्वय स्थापित किया।
जनसहयोग से पिछले सात माह में 133 तस्करों को जेल भेजा गया और उनके पास से 5.14 किलो स्मैक, 3.63 किलो ब्राउन शुगर, 2.30 किलो हेरोइन, 430 किलो से अधिक गांजा व 50 लाख रुपये से अधिक नकद जब्त किए गए हैं।
अमित शाह के निर्देशों के बाद एसपी ने तेज किया था अभियान
फरवरी 2026 में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के किशनगंज दौरे के दौरान नशे पर वार के दिए गए निर्देशों के बाद एसपी ने इस अभियान को तेज किया था।
इस कार्रवाई के दौरान सिर्फ छोटे नशे के कारोबारियों और तस्करों के विरुद्ध तक सीमित न रखकर असम और पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ समन्वय बनाकर बड़े नेटवर्क संचालकों व सप्लायरों तक पहुंचने का लक्ष्य है।
इस कड़ी में एक जनवरी से 31 जुलाई 2026 के बीच अब तक अवैध नशा कारोबार और तस्करी के मामले में कुल 70 प्राथमिकी दर्ज किए गए।
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