नशे के खिलाफ DIG कुमार आशीष की 'सर्जिकल स्ट्राइक', 'नशा मुक्त कोसी अभियान' से टूटी तस्करों की कमर
डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने 'नशा मुक्त कोसी अभियान' के तहत जनता से जुड़कर नशे के नेटवर्क को तोड़ा है। इस मुहिम से बड़े ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ और भ ...और पढ़ें

डॉ. कुमार आशीष, डीआईजी, कोसी रेंज
HighLights
डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने शुरू किया 'नशा मुक्त कोसी अभियान'।
अभियान से 4870 किलो गांजा, 6.75 किलो स्मैक बरामद।
जनसहयोग और हेल्पलाइन से बड़े ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश।
शैलेश रवि, सहरसा। बिहार में कोसी रेंज के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए सीधे जनता से जुड़ने का फैसला किया है। 'नशा मुक्त कोसी अभियान' की अनूठी मुहिम में पुलिस की सख्ती और जनसहयोग के बेहतरीन तालमेल से न सिर्फ बड़े ड्रग सिं का पर्दाफाश किया जा रहा है, बल्कि युवाओं को नशे के गर्त से निकालकर सुरक्षित भविष्य भी दिया जा रहा है। इस अभियान के लिए उन्होंने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।
कोसी मंडल के सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिलों में हाल के वर्षों में 'सूखे नशे', मसलन स्मैक, गांजा, नशीली टैबलेट, इंजेक्शन और कफ सिरप आदि का प्रचलन युवाओं के लिए जानलेवा बनता जा रहा था। अभिभावकों और प्रशासन की बढ़ती चिंता को देखते हुए डीआईजीडॉ. कुमार आशीष ने सीधे मोर्चा संभाला।
उन्होंने स्थानीय लोगों से विमर्श कर एक विशेष हेल्पलाइन नंबर (9060384865) जारी किया। इसकी नियमित निगरानी के लिए कार्यालय स्तर पर एक विशेष पदाधिकारी की तैनाती की गई, जिसने इस पूरी मुहिम की तस्वीर बदल दी। अभियान शुरू होते ही हेल्पलाइन पर सटीक सूचनाएं आने शुरू हो गईं।
सिर्फ कोसी मंडल ही नहीं, बल्कि पटना, दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे शहरों में रह रहे प्रवासियों ने भी अपने क्षेत्र में नशे के कारोबार की सूचनाएं देनी शुरू कर दीं। प्रतिदिन औसतन 15 शिकायतें मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री, भंडारण और सेवन को लेकर मिलने लगीं।
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इन सूचनाओं के आधार पर विशेष टीमों ने त्वरित छापेमारी की, जिससे कई बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ। इस दौरान 4870 किलो गांजा, 6.75 किलो स्मैक, 57,878 लीटर अवैध शराब और भारी मात्रा में नशीली दवाओं (सिरप, इंजेक्शन) के साथ विदेशी हथियार व 55.53 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। यह कार्रवाई अभी जारी है।
जब्त किए गए हथियार, वाहन व अन्य सामानों का विवरण:
दो विदेशी पिस्टल, पांच कट्टा, एक देसी मस्केट, तीन मैगजीन, 21 कारतूस, 39 मोबाइल फोन, 13 चार पहिया वाहन, एक ट्रक, एक नाव, चार इलेक्ट्रिक तराजू, एक लोहे की भट्ठी, एक बैंक पासबुक और एक एटीएम कार्ड।
स्वास्थ्य पर असर और डॉक्टरों की चेतावनी:
चिकित्सकों का कहना है कि दवा का नशा के रूप में उपयोग जानलेवा और घातक है। यह किसी विशेष परिस्थिति में ही मरीज को लेने की सलाह दी जाती है।
अभियान से लोगों में भरोसा जगा है। यह अभियान क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने की विशेष मुहिम है, जो निरंतर जारी रहेगी। - डॉ. कुमार आशीष, डीआईजी, कोसी रेंज
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