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    'तीन झंडे, एक दिल': सऊदी-तुर्किए के साथ हुए सैन्य समझौते पर पाकिस्तान का नया एंथम कैसे बना मजाक का विषय?

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 07:11 AM (IST)

    पाकिस्तान ने सऊदी अरब और तुर्किए के साथ हुए नए रक्षा समझौते 'मक्का ज्वॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट' का जश्न मनाने के लिए एक म्यूजिक वीडियो जारी किया, जो सोशल ...और पढ़ें

    पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच समझौता (File Photo)

    पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच समझौता (File Photo)

    HighLights

    1. पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्किए ने 'मक्का ज्वॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट' पर हस्ताक्षर किए।

    2. समझौते के प्रचार हेतु जारी म्यूजिक वीडियो का अंतरराष्ट्रीय उपहास।

    3. आर्थिक संकट के बीच महंगे प्रचार पर जनता और ईरान नाराज।

    डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। दुनियाभर में कटोरा लेकर घूम रहे नापाक पड़ोसी पाकिस्तान की वैश्विक मंच पर किरकिरी कोई नई बात नहीं है। आए दिन अपने करतूतों के चलते पाकिस्तान को दुनियाभर के सामने शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अब एक बार फिर आतंकियों का पनाहगाह वैश्विक मंच पर मजाक का पात्र बन गया है और इस बार वजह है पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किए के बीच हाल ही में हुआ नया रक्षा समझौता।

    इस पूरे बात ऐसे समझा जा सकता है कि इस नए रक्षा समझौते को लेकर पाकिस्तान ने जोश-जोश में एक ऐसा कदम उठा लिया, जिससे उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी किरकिरी हो रही है, क्योंकि अपनी इस सैन्य साझेदारी को देशभक्ति का जामा पहनाने के लिए पाकिस्तान की सेना ने एक म्यूजिक वीडियो जारी किया, जो अब सोशल मीडिया पर गंभीर चर्चा की बजाय हंसी और मीम्स का मुख्य केंद्र बन गया है। आइए जानते हैं।

    समझिए पूरा मामला

    बता दें कि कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किए ने मिलकर 'मक्का ज्वॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट' पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत यह तय हुआ है कि इनमें से किसी भी एक देश पर हमला हुआ, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।

    अब इस गंभीर समझौते का जश्न मनाने के लिए पाकिस्तान की सेना के मीडिया विंग (ISPR) ने पाकिस्तान स्टूडियो एचडी के साथ मिलकर 'वन शील्ड- पाकिस्तान-सऊदी अरब-तुर्किए' नाम से एक सात मिनट का म्यूजिक वीडियो जारी किया। इस गाने का उपशीर्षक 'द ग्रेट अलायंस ऑफ इस्लाम' रखा गया है।

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    वीडियो के म्यूजिक में क्या-क्या है?

    इस गाने में ऑर्केस्ट्रा संगीत के साथ अरबी ताल और उर्दू-अरबी बोलों का मिश्रण किया गया है। गाने के मुख्य बोल हैं, 'एक खुदा, एक पैगंबर, एक पवित्र कुरान, एक किबला, तीन झंडे, एक दिल'।

    वीडियो में पाकिस्तानी जेएफ-17 थंडर फाइटर जेट, तुर्किए के ड्रोन, सऊदी के लड़ाकू विमान और युद्धपोतों के साथ-साथ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन को भी प्रमुखता से दिखाया गया है।

    अब समझिए क्यों हो रही है पाकिस्तान की थू-थू?

    इस म्यूजिक वीडियो के सामने आने के बाद से आलोचकों का सवाल है कि इतने बड़े और रणनीतिक रक्षा समझौते को किसी गंभीर कूटनीतिक संदेश के जरिए पेश करने के बजाय, एक एक्शन फिल्म के ब्लॉकबस्टर ट्रेलर की तरह पेश क्यों किया गया? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स, यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर लोगों ने इसका जमकर मजाक उड़ाया। एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा कि डीजीआईएसपीआर (DGISPR) है या नौटंकी ड्रामा कंपनी?

    आर्थिक बदहाली के बीच दिखावा

    हालांकि गौर करने वाली बात यह है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले से ही पटरी से उतरी हुई है। देश की जनता महंगाई, बिजली संकट और भारी आर्थिक तंगी से जूझ रही है और सरकार आईएमएफ (IMF) के कर्ज और दूसरे देशों की आर्थिक मदद पर निर्भर है। ऐसे में, जब देश के लोग बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं, तब सेना द्वारा इस तरह के महंगे और भव्य प्रचार वीडियो पर जनता का गुस्सा फूट पड़ा।

    एक यूजर ने लिखा कि अलग खाना, अलग घर, अलग मेडिकल सुविधा, अलग जीवन स्तर... सब कुछ अलग है, बस नाम का साथ है। लोगों का कहना है कि यह वीडियो आम नागरिकों की हकीकत से कोसों दूर है और सिर्फ झूठी ताकत का दिखावा है।

    ईरान ने भी साधा निशाना

    दूसरी ओर इस नए रक्षा समझौते से ईरान भी खासा नाराज नजर आ रहा है। ईरान की संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के सदस्य इब्राहिम रजाई ने सोशल मीडिया पर इस समझौते की तीखी आलोचना की थी। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा था कि सऊदी अरब को यह पता होना चाहिए कि तुर्किए और पाकिस्तान के साथ किया गया कागजी समझौता उन्हें सुरक्षा नहीं दिला सकता।

    रजाई ने आगे कहा कि सालों तक अमेरिका पर निर्भर रहने के बाद भी सऊदी अरब को सुरक्षा नहीं मिली, इसलिए उन्हें दूसरों के सामने सुरक्षा के लिए हाथ नहीं फैलाना चाहिए। ईरानी मीडिया ने भी इस समझौते की आलोचना करते हुए पाकिस्तानी एंथम के क्लिप्स का खुलकर मजाक उड़ाया है। फिलहाल, पाकिस्तान जिस समझौते को अपनी बड़ी कूटनीतिक जीत बता रहा था, वही गाना सोशल मीडिया पर उसकी फजीहत और मीम्स की वजह बन गया है।

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