शरीर लापता, फिर कैसे कर दिया अंतिम संस्कार? नेपाल बाढ़ का खौफनाक सच
नेपाल में भोटेकोशी बाढ़ से 1127 मौतें और 4000 से अधिक लोग लापता हैं। एक परिवार ने अपने बेटे राजकुमार ...और पढ़ें

शव नहीं मिला, फिर भी कर दिया अंतिम संस्कार (फोटो-पीटीआई)
HighLights
भोटेकोशी बाढ़ में 1127 मौतें, 4000 से अधिक लापता।
राज कुमार के परिवार ने शव न मिलने पर भी अंतिम संस्कार किया।
शव की पहचान और ठिकाने को लेकर पुलिस-अस्पताल में भ्रम।
डिजिटल डेस्क, काठमांडू। नेपाल में भोटेकोशी में आई बाढ़ ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया। इस बाढ़ में अब तक 1127 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। वहीं चार हजार से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं।
नेपाल में आई इस बाढ़ ने ऐसी तबाही मचाई है कि शवों की पहचान करना मुश्किल हो गया है। नेपाल बाढ़ का एक ऐसा खौफनाक सच सामने आया है कि जिसे जानकर किसी की भी रूह कांप जाएगी। यहां एक परिवार ने अपने बेटे का शव न मिलने के बाद भी उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
नहीं मिला शव, फिर कैसे हुआ अंतिम संस्कार?
सिंधुपालचोक की चौतारा संगचोकगढ़ी नगरपालिका के वार्ड 5 के रहने वाले 30 वर्षीय राज कुमार रसुवागढ़ी जा रहे थे, जहां वे ड्राइवर का काम करते थे, तभी भोटेकोशी में बाढ़ आ गई।
राज कुमार रसुवागढ़ी के परिवार ने बताया कि पिछले बुधवार को जब विनाशकारी बाढ़ आई थी, उसी दिन एक ड्राइवर ने उन्हें राज कुमार जैसे दिखने वाले एक शव की तस्वीर भेजी थी।
राज कुमार के चाचा रवींद्र श्रेष्ठ ने बताया, 'परिवार शव लेने सिमटार पहुंचा, लेकिन वहां शव नहीं था। हमें बताया गया कि उसे TU टीचिंग हॉस्पिटल भेज दिया गया है। हमने पांच दिन तक इंतजार किया, लेकिन जब शव नहीं मिला, तो हमने कुशा घास की प्रतिमा से अंतिम संस्कार किया।' हिंदू धर्मग्रंथों में ऐसी स्थिति में, जब शव न मिल पाए, इस तरह के संस्कार करने का विधान है।
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कहां गया राज कुमार का शव?
परिवार के अंतिम संस्कार करने के बाद नेपाल पुलिस को लापता लोगों और बरामद शवों के रिकॉर्ड में राज कुमार जैसा दिखने वाला एक फोटो मिला, जो रजिस्ट्रेशन नंबर 350 के तहत दर्ज था। फिर भी रिश्तेदारों को अभी तक यह नहीं पता है कि शव कहां है।
राज कुमार के रिश्तेदार जीवन श्रेष्ठ ने पूछा, 'रजिस्ट्रेशन नंबर 350 वाला शव कहां गया? नुवाकोट पुलिस का कहना है कि उन्होंने उसे भेज दिया था, जबकि TU टीचिंग हॉस्पिटल का कहना है कि वह वहां कभी पहुंचा ही नहीं, तो वह कहां गायब हो गया?'
DNA सैंपल से होगी शवों की जांच
पुलिस ने परिवारों से अपील की है कि वे औपचारिक पहचान से पहले किसी नतीजे पर न पहुंचें, क्योंकि कुछ शवों के लिए DNA टेस्ट की जरूरत पड़ सकती है। सिंधुपालचोक पुलिस प्रमुख काजी कुमार आचार्य ने कहा कि सरकार ने DNA सैंपल मंगवाए हैं।
राज कुमार के चाचा ने बताया, 2015 के भूकंप के दौरान उनकी मां की मौत हो गई थी, जब वे एक तेल मिल में थीं। परिवार ने मंगलवार को उनके निधन के सातवें दिन की रस्म पूरी की, जबकि उनके शव की कोई पुष्टि नहीं हुई थी।
