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    'ईरान में प्रदर्शनकारियों को फांसी दी तो खैर नहीं', ट्रंप की खामेनेई को सीधी धमकी

    Updated: Wed, 14 Jan 2026 07:54 AM (IST)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि यदि वह प्रदर्शनकारियों को फांसी देता है तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा। ईरान में बड़े ...और पढ़ें

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के अधिकारी विरोध प्रदर्शन करने वालों को फांसी पर लटकाते हैं, तो अमेरिका बहुत मजबूत कार्रवाई करेगा।

    यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान में पिछले कई दिनों से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की कार्रवाई की कड़ी निंदा हो रही है। एक मानवाधिकार समूह का दावा है कि ईरानी सरकार के दमन में हजारों लोग मारे जा चुके हैं।

    ईरान की सरकार का कहना है कि उन्होंने पूरे देश पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। गुरुवार से शुरू हुए ये प्रदर्शन 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद सत्ता के लिए सबसे बड़ा खतरा बने हैं। अधिकारियों पर आरोप है कि वे प्रदर्शनकारियों पर गोली चलवा रहे हैं और इंटरनेट ब्लैकआउट से दमन की सच्चाई छिपा रहे हैं, जो अब पांच दिन से ज्यादा हो चुका है।

    ट्रंप ने दिया अल्टीमेटम

    ट्रंप ने पहले ईरानी प्रदर्शनकारियों से कहा था कि मदद रास्ते में है। अब सीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अगर ईरान फांसी की सजा देना शुरू करता है, तो अमेरिका एक्शन लेगा। तेहरान के अभियोजकों ने कहा है कि कुछ गिरफ्तार लोगों पर 'ईश्वर के खिलाफ युद्ध' का आरोप लगाया जाएगा, जो मौत की सजा वाला जुर्म है।

    ट्रंप ने कहा, "वे हजारों लोगों को मार रहे हैं और अब फांसी की बात कर रहे हैं। देखते हैं कि वह इसे कैसे अंजाम देते हैं।" उन्होंने ईरान पर कई बार सैन्य हस्तक्षेप की धमकी दी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तेहरान के पास कहरीजक मुर्दाघर में लाशें दिखाई गई हैं, जहां रिश्तेदार अपनों की तलाश कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय फोन लाइनें मंगलवार को बहाल हुईं, लेकिन सिर्फ बाहर कॉल करने के लिए और कनेक्शन अभी भी खराब है।

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    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की सरकार के खिलाफ भारी नाराजगी

    ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर ईरानियों से अपील की कि 'प्रदर्शन जारी रखो'। उन्होंने लिखा, "मैंने ईरानी अधिकारियों से सभी मीटिंग रद कर दी हैं जब तक प्रदर्शनकारियों की हत्या बंद नहीं होती। मदद रास्ते में है।"

    दूसरी ओर यूरोपीय देशों ने भी ईरान के खिलाफ आवाज उठाई है। फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने ईरानी राजदूतों को तलब किया और यूरोपीय संघ ने भी ऐसा ही किया। ईयू प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि ईरान में मौतों की बढ़ती संख्या डरावनी है और जिम्मेदार लोगों पर और प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

    प्रदर्शनों में कितने लोगों की गई जान?

    नॉर्वे स्थित एनजीओ ईरान ह्यूमन राइट्स (आईएचआर) ने 734 मौतों की पुष्टि की है। इनमें नौ नाबालिग शामिल हैं। लेकिन उनका कहना है कि असली संख्या हजारों में हो सकती है। आईएचआर के निदेशक महमूद अमीरी-मोगद्दम ने बताया कि उनके आंकड़े देश के आधे से कम प्रांतों और 10 प्रतिशत से कम अस्पतालों से हैं।

    एनजीओ ने एरफान सोलतानी का मामला दुनिया के सामने रखा है। 26 साल के सोलतानी को पिछले हफ्ते कराज शहर से गिरफ्तार किया गया था। परिवार के मुताबिक, उन्हें मौत की सजा सुनाई जा चुकी है और बुधवार को फांसी हो सकती है।

    ईरानी सरकारी मीडिया का कहना है कि दर्जनों सुरक्षा बलों के सदस्य मारे गए हैं और उनके अंतिम संस्कार सरकारी रैलियों में बदल गए हैं। अधिकारियों ने इन 'शहीदों' के लिए तीन दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है और बुधवार को तेहरान में सामूहिक अंतिम संस्कार होगा।

    आखिर ईरान की सड़कों पर क्या हो रहा है?

    ईरानी सरकार ने सोमवार को बड़े पैमाने पर रैलियां करवाईं हैं। इसे रैली को सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों की हार बताई है। उन्होंने इन्हें अमेरिका के लिए चेतावनी कहा है। 1989 से सत्ता में खामेनेई अब 86 साल के हैं।

    (समाचार एजेंसी एएफपी इनपुट के साथ)

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