एपस्टीन फाइल्स मामले में बिल क्लिंटन के खिलाफ बड़ा एक्शन ले सकते हैं रिपब्लिकन्स, कर रहे ये तैयारी
रिपब्लिकन एपस्टीन फाइल्स मामले में पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। क्लिंटन ने हाउस ओवरसाइट ...और पढ़ें

पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की बढ़ सकती है मुसीबत।
HighLights
रिपब्लिकन बिल क्लिंटन के खिलाफ अवमानना कार्यवाही की तैयारी में।
क्लिंटन ने एपस्टीन फाइल्स जांच में गवाही से इनकार किया।
हिलेरी क्लिंटन के खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई की धमकी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका की विवादित एपस्टीन फाइल्स मामले में पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के खिलाफ रिपब्लिकन्स बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं। मंगलवार को रिपब्लिकन ने बिल क्लिंटन को आपराधिक अवमानना के लिए ज़िम्मेदार ठहराने की कोशिश की।
उन्होंने यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन की कांग्रेस जांच में समन किए जाने के बावजूद गवाही देने से मना कर दिया था। इस संवेदनशील जांच में इसे राजनीतिक रूप से बड़ा कदम माना जा रहा है। रिपब्लिकन के नेतृत्व वाली हाउस ओवरसाइट कमेटी ने कहा कि वह अगले हफ्ते अवमानना की कार्यवाही शुरू करेगी।
हिलेरी के खिलाफ यही कदम उठाने की दी धमकी
पैनल पूर्व सेक्रेटरी ऑफ स्टेट हिलेरी क्लिंटन के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की धमकी दे रहा है। हिलेरी को बुधवार को गवाही देनी है, लेकिन उम्मीद है कि वह भी नहीं आएंगी। यह दबाव ऐसे समय आया है जब राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप पर पारदर्शिता के लिए दबाव बढ़ रहा है और जस्टिस डिपार्टमेंट ने कानूनी डेडलाइन के लगभग एक महीने बाद केस फाइलों का सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा ही जारी किया था।
कमेटी के चेयरमैन जेम्स कॉमर ने पत्रकारों को बताया, "बिल क्लिंटन के अपने कानूनी सबपोना पर पेश न होने के कारण हम अगले हफ्ते... पूर्व राष्ट्रपति क्लिंटन पर कांग्रेस की अवमानना का आरोप लगाएंगे।"
क्लिंटन ने क्या कहा?
कोमर को लिखे आठ पेज के लेटर में क्लिंटन ने कहा कि वे बयान देने के लिए पेश होने का प्लान नहीं बना रहे हैं और इस पल को ऐसा बताया जिसमें नतीजों की परवाह किए बिना विरोध करना जरूरी है। किसी पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ अवमानना का आरोप लगाना दुर्लभ है और यह हाउस रिपब्लिकन द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
खबरें और भी
किसी भी अवमानना प्रस्ताव को जस्टिस डिपार्टमेंट को भेजने से पहले पूरे हाउस से मंजूरी लेनी होगी, जो आखिर में यह तय करता है कि मुकदमा चलाना है या नहीं।
यह भी पढ़ें: एप्सटीन फाइल्स को लेकर खुलासे तो हुए लेकिन अभी इन सवालों का जवाब ढूंढ़ रहे पीड़ित