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    अब ट्रंप भी लेंगे मुआवजा, बोले- ईरान के साथ हर बातचीत का हिस्सा बनेगा हर्जाने का मुद्दा

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 07:09 AM (IST)

    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान से युद्धों और हमलों में मारे गए लोगों के लिए मुआवजे की मांग की, जिसे भविष्य की सभी वार्ताओं का हिस्सा बताया। ...और पढ़ें

    HighLights

    1. ट्रंप ने ईरान से युद्धों में मारे गए लोगों का मुआवजा मांगा।

    2. ईरान ने भी अमेरिका से प्रतिबंध हटाने और हर्जाने की मांग की।

    3. होर्मुज जलडमरूमध्य पर समझौते की उम्मीदों को लगा झटका।

    डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर समझौते की उम्मीदों को सोमवार को झटका लगा। मीडिया के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान से उन लोगों की मौत के लिए मुआवजा देने की मांग की, जिनकी मौत का उन्होंने युद्धों, हमलों और प्रदर्शनों में ईरान को जिम्मेदार ठहराया।

    ट्रंप ने कहा कि मुआवजे की मांग को ईरान के साथ होने वाली भविष्य की सभी बातचीत में शामिल की जाएगी। ट्रंप का यह बयान ईरान की उस मांग के जवाब में आया, जिसमें उसने अमेरिका से हाल के महीनों में हुए हमलों से हुए नुकसान की भरपाई और अन्य शर्तें पूरी करने को कहा था।

    ईरान पर ट्रंप ने लगाए गंभीर आरोप

    ट्रंप ने ईरान पर सड़क किनारे बम हमलों और अन्य संघर्षों में लोगों की हत्या का आरोप लगाया। उन्होंने यूएसएस कोल हमले में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के परिवारों के लिए भी मुआवजे की बात कही, हालांकि इस हमले के लिए अल-कायदा को जिम्मेदार ठहराया गया था।

    ट्रंप ने कहा है कि लेबनान, सीरिया, यमन और गाजा के लोगों को हुए नुकसान और मौतों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। इसके साथ ही ट्रंप ने अमेरिकी बंदरगाहों से तेल और खाद ले जानेवाले विदेशी जहाजों के लिए जोंस एक्ट के तहत छूट को अगले 90 दिनों के लिए और बढ़ा दिया है।

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    अब समझिए ईरान का क्या कहना है?

    वहीं दूसरी ओर ईरान ने कहा है कि वह ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य में नए शिपिंग मार्ग तय करने वाले समझौते के करीब है। हालांकि, तेहरान ने अमेरिका से मुआवजा, प्रतिबंधों का अंत और सैन्य धमकियां रोकने जैसी शर्तें पूरी करने की मांग दोहराई है। दुनिया के करीब पांचवें हिस्से के तेल और एलएनजी का परिवहन युद्ध से पहले इसी जलडमरूमध्य से होता था। इसके प्रभावी रूप से बंद रहने से बाजार में चिंता बढ़ी है।

    कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी से चिंता

    ट्रंप के बयान और ईरान की शर्तों के बाद ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत करीब 4.25 प्रतिशत तक चढ़ गई, जबकि ब्रिटेन और नीदरलैंड में गैस की कीमतों में 10 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई। न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, ईरान ने साफ कर दिया है कि ओमान के साथ होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर समझौता होने के बावजूद समुद्री मार्ग पूरी तरह खोलने का फैसला अमेरिका की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।

    अमेरिका को करनी पड़ेगी मांगें पूरी- ईरान

    ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कहा कि अमेरिका को ईरान की मांगें पूरी करनी होंगी। इनमें युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा, प्रतिबंध हटाना, सैन्य दबाव और नाकाबंदी खत्म करना तथा ईरान की जब्त संपत्तियां जारी करना शामिल हैं। बघाई ने बताया कि ईरान और ओमान नए जहाजरानी मार्ग के भौगोलिक स्वरूप और सुरक्षित आवाजाही के तौर-तरीकों पर सहमत होने के करीब हैं। संयुक्त घोषणा से पहले कुछ तकनीकी मुद्दे सुलझाए जाने बाकी हैं। बातचीत में सुरक्षित नौवहन, पर्यावरण संरक्षण, समुद्री सेवाओं और अपराध रोकने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई है।

    उन्होंने कहा कि जहाजों को उपलब्ध कराई जाने वाली समुद्री सेवाओं के लिए शुल्क लिया जाना सामान्य व्यवस्था है। हालांकि, फिलहाल भुगतान से जुड़े मुद्दे बातचीत का हिस्सा नहीं हैं। तेहरान और वाशिंगटन के बीच सीधे संवाद के बजाय मध्यस्थों के जरिये संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है।

    बघाई ने मतभेद की खबरों को किया खारिज

    इसके साथ ही बघाई ने ईरानी संसद और सरकार के बीच होर्मुज को लेकर मतभेद की खबरों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि सरकार और संसद इस मुद्दे पर समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। संसद की संबंधित समितियां यातायात प्रबंधन से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा कर रही हैं और विदेश मंत्रालय भी इस प्रक्रिया में शामिल है।

    उधर, ओमान का कहना है कि अज्ञात हमले में निष्क्रिय हुए एक तेल टैंकर से हुआ तेल रिसाव 400 किलोमीटर वर्ग इलाके में फैल गया है। जहाज भी धीरे-धीरे डूबने की कगार पर है। बता दें कि इस टैंकर पर आठ जून को हमला हुआ था। हमले की जिम्मेदारी किसी पक्ष ने नहीं ली थी। ये जहाज रूस का तेल लेकर एशिया के लिए निकला था और ओमान के रास्ते होर्मुज स्ट्रेट पार कर रहा था।

    सऊदी अरब पर हाउती हमलों से बढ़ी चिंता

    इसके अलावा यमन में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हांस ग्रंडबर्ग ने हाउती और सऊदी अरब के बीच बढ़ते तनाव पर चिंता जताई है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और स्थिति को और बिगड़ने से रोकने की अपील की। रविवार को मोखा में हाउती हमले में नागरिकों और सैन्यकर्मियों के मारे जाने तथा कई लोगों के घायल होने की खबरों के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।