Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    183 एकड़ में फैला मंदिर, 10 हजार मूर्तियां... एशिया के बाहर इस देश में है दुनिया का सबसे बड़ा Hindu Temple

    Updated: Fri, 29 May 2026 08:52 PM (IST)

    न्यू जर्सी का अक्षरधाम मंदिर, 183 एकड़ में फैला, भारत के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर बन गया है। ...और पढ़ें

    अमेरिका के न्यू जर्सी में स्थित अक्षरधाम मंदिर

    अमेरिका के न्यू जर्सी में स्थित अक्षरधाम मंदिर

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अक्षरधाम मंदिर परिसर दुनिया के सबसे प्रमुख हिंदू धार्मिक स्थलों में शामिल हो गया है। न्यू जर्सी के रोबिंसविले में स्थित यह विशाल परिसर न केवल आध्यात्मिक केंद्र है बल्कि अपनी भव्य वास्तुकला के लिए भी वैश्विक ध्यान आकर्षित कर रहा है। एसोसिएटेड प्रेस ने इसे आधुनिक युग में भारत के बाहर निर्मित सबसे बड़ा हिंदू मंदिर बताया है।

    GxmnfNYX0AAjE6C

    183 एकड़ में फैला विशाल परिसर

    स्वामीनारायण अक्षरधाम के नाम से जाना जाने वाला यह परिसर 183 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। अक्टूबर 2023 में औपचारिक रूप से आम लोगों के लिए खोले गए इस मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर के अलावा समुदाय के लिए कई अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। कई वर्षों की योजना और निर्माण के बाद तैयार हुआ यह परिसर अब हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।

    GLJAVsQWwAAeVzZ

    पारंपरिक वास्तुकला का अद्भुत नमूना

    परिसर के केंद्र में स्थित 'महामंदिर' इस पूरे प्रोजेक्ट की जान है। BAPS की जानकारी के अनुसार, मंदिर की ऊंचाई 191 फीट, चौड़ाई 255 फीट और लंबाई 345 फीट है। प्राचीन हिंदू ग्रंथों और पारंपरिक भारतीय मंदिर निर्माण शैली पर आधारित इस मंदिर में नौ शिखर हैं।

    साथ ही, पारंपरिक पत्थर के मंदिरों में अब तक का सबसे बड़ा अंडाकार गुंबद भी यहीं बनाया गया है। मंदिर की सबसे आकर्षक विशेषता इसके अंदर मौजूद 10,000 से अधिक तराशी गई मूर्तियां हैं, जो हिंदू दर्शन, संगीत, नृत्य और आध्यात्मिकता के विभिन्न आयामों को दर्शाती हैं।

    खबरें और भी

    G4ww61hWIAAxSBQ

    12500 स्वयंसेवकों का योगदान

    स्वामीनारायण संस्था के आध्यात्मिक गुरु प्रमुख स्वामी महाराज के विजन पर आधारित यह परियोजना 2008 में जमीन खरीदने के साथ शुरू हुई। निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ।BAPS के अनुसार, इस मेगा प्रोजेक्ट में 12,500 से अधिक स्वयंसेवकों ने योगदान दिया।

    लगभग 20 लाख क्यूबिक फीट पत्थर का उपयोग किया गया, जबकि स्वयंसेवकों और कारीगरों ने कुल 47 लाख घंटे से अधिक का श्रम दिया।

    GLJAVsNXEAAMDe8

    नीलकंठ प्लाजा में 49 फीट की मूर्ति 

    परिसर में नीलकंठ प्लाजा भी प्रमुख आकर्षण है, जहां स्वामीनारायण के किशोर रूप नीलकंठ वर्णी की 49 फीट ऊंची भव्य कांस्य प्रतिमा है। प्लाजा में पारंपरिक भारतीय शैली का बावड़ी (सीढ़ीदार कुआं) भी बनाया गया है।

    GLJAVsNWcAAIUsI

    मंदिर से जुड़ा विवाद

    भव्यता की सराहना के साथ-साथ निर्माण के दौरान कुछ विवाद भी सामने आए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ठेकेदारों पर भारतीय मजदूरों के शोषण का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया गया था। हालांकि BAPS ने इन आरोपों से इनकार किया और किसी भी अनैतिक कार्य में अपनी संलिप्तता से इनकार किया।

    GwjQdRbbMAAESAs

    विजिटर्स के लिए जरुरी खबर

    अक्षरधाम कैंपस मंगलवार को छोड़कर सप्ताह के बाकी सभी दिनों में खुला रहता है। क्योंकि यह सक्रिय पूजा स्थल है, इसलिए विजिटर्स को सख्त ड्रेस कोड का पालन करना होता है। परिसर के कुछ चुनिंदा हिस्सों में ही फोटोग्राफी की अनुमति है।

    यह भी पढ़ें- बरसाना राधारानी मंदिर में अराजकता, वीआईपी दर्शन पर पुलिसकर्मी भिड़े, गार्डों ने श्रद्धालुओं को पीटा

    यह भी पढ़ें- केदारनाथ धाम में VIP दर्शन के लिए नई SOP जारी, अब मंदिर समिति काटेगी 1100 रुपये की पर्ची