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कोलकाता में दुर्गा पूजा का उत्साह: बाजारों में उमड़ी भारी भीड़, बारिश के बावजूद जमकर खरीदारी

Published: Thu, 08 Oct 2026 02:11 PM (IST)

कोलकाता में दुर्गा पूजा का उत्साह चरम पर है, जहां भव्य पंडाल और बाजारों में खरीदारी की धूम मची है। ...और पढ़ें

कोलकाता के बाजार में दुर्गा पूजा की तैयारी।

कोलकाता के बाजार में दुर्गा पूजा की तैयारी।

HighLights

  1. कोलकाता में दुर्गा पूजा को लेकर जबरदस्त उत्साह।

  2. भव्य पंडाल और बाजारों में खरीदारी की धूम।

  3. बारिश के बावजूद लोगों का जोश बरकरार, भीड़ उमड़ी।

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा को लेकर उत्साह इस समय कोलकाता के कोने-कोने में साफ नजर आ रहा है। चारों तरफ रंग, उल्लास, भव्य पंडाल और खरीदारी का माहौल है।

नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर से हो रही है, जिसके चलते शहर के बाजार नए और ट्रेंडी कपड़ों तथा पूजा की सामग्रियों से पूरी तरह सज चुके हैं। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश ने बाजारों की रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर की थी, लेकिन पिछले रविवार से मौसम बदलते ही रौनक फिर से लौट आई। 

खड़े किए जा रहे भव्य पंडाल

सामने आ रही तस्वीरों में साफ-साफ देखा जा सकता है कि कैसे बारिश के खतरे के बीच भी कोलकाता की गलियों में बांस के भव्य पंडाल खड़े किए जाने लगे हैं और कुमारतुली में मां दुर्गा की मूर्तियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इतना ही नहीं शहर के न्यू मार्केट, हाथियाबाग और गरियाहाट जैसे प्रमुख बाजार दोपहर बाद से ही लोगों की भीड़ से खचाखच भर जाते हैं।

गरियाहाट में कैसा है हाल?

बात अब कोलकाता के गरियाहाट की करें तो, गरियाहाट में हर साल की तरह इस बार भी वही पुराना और परिचित नजारा देखने को मिल रहा है। दोपहर ढलते ही पैदल चलने वालों की भारी भीड़ जुटने लगी है। 

स्थिति ऐसी है कि भीड़ को संभालने के लिए कोलकाता पुलिस को विशेष इंतजाम करने पड़े हैं। दोपहर 3 बजे के बाद से गरियाहाट जाने वाले सभी रास्तों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है, और यह सब सिर्फ और सिर्फ खरीदारी के भारी उत्साह के कारण है।

न्यू मार्केट में चमका कारोबार

उधर, त्योहारी सीजन के दौरान न्यू मार्केट एक बार फिर से आकर्षण का केंद्र बन गया है, हालांकि इस बार यह इलाका हॉकरों को हटाने और अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई की चर्चाओं को लेकर भी सुर्खियों में रहा है।

बता दें कि चार महीने पहले हुए सत्ता परिवर्तन के बाद से ये मुद्दे लगातार चर्चा में हैं। पूजा से पहले थोड़ी अनिश्चितता जरूर थी, लेकिन ऐन वक्त पर उमड़ी खरीदारी की लहर ने इस ऐतिहासिक बाजार में फिर से जान फूंक दी है। दूसरी ओर, कुछ ऐसा ही नजारा हाथियाबाग इलाके में भी देखने को मिला, जहां शाम ढलते ही बाजारों में खरीदारों का सैलाब उमड़ पड़ा।