हिरासत में मौत मामले में CM शुभेंदु का एक्शन, पुलिस अधिकारी निलंबित; मृत TMC कार्यकर्ता की पत्नी को नौकरी
हालीशहर में तृणमूल कार्यकर्ता बिरजू केवट की पुलिस हिरासत में मौत के बाद जांच अधिकारी निलंबित और आईसी क्लोज किए गए हैं। मृतक की पत्नी को नौकरी और बच्चो ...और पढ़ें
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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी।
HighLights
पुलिस हिरासत में मौत पर जांच अधिकारी निलंबित, आईसी क्लोज।
मृतक की पत्नी को नौकरी, बच्चों को 10 लाख की मदद।
मजिस्ट्रेट स्तर की जांच का आदेश, डीएम को जिम्मेदारी।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हालीशहर में पुलिस हिरासत में तृणमूल कार्यकर्ता बिरजू केवट की मौत के मामले में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस की लापरवाही स्वीकार करते हुए कार्रवाई की है।
मामले के जांच अधिकारी (आईओ) को निलंबित करने और हालीशहर थाने के आईसी (प्रभारी) को क्लोज कर पुलिस लाइन भेजने का निर्देश दिया गया है।मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस हिरासत में मौत के मामले में प्रोटोकाल के तहत मजिस्ट्रेट स्तर की जांच होगी।
उत्तर 24 परगना की जिलाधिकारी शिल्पी गौरिसरिया को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। जांच की प्रगति की जानकारी मुख्यमंत्री और मृतक के परिवार को नियमित रूप से देने का निर्देश है। मृतक की पत्नी ने पुलिस पर पति के साथ शारीरिक अत्याचार का आरोप लगाया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारण की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।मृतक के बच्चों के लिए 10 लाख की मददसरकार ने मृतक की पत्नी को एक वर्ष तक हर महीने 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय किया है। इसके बाद उसे ग्रुप-डी पद पर नौकरी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने परिवार के दो बच्चों के भविष्य को देखते हुए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी। बिरजू को रंगदारी समेत विभिन्न आरोपों में हालीशहर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को अदालत ने उसे पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। शनिवार को उसकी हिरासत में मौत की जानकारी सामने आई। पत्नी जेन शर्मा केवट ने आरोप लगाया कि लाकअप में पुलिस की पिटाई से उसकी मौत हुई।
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अभिषेक बनर्जी ने लगाए गंभीर आरोप
तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को संसद परिसर में आरोप लगाया कि हालीशहर में ममता बनर्जी के काफिले पर रविवार को हुए पथराव का निर्देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिया था, जबकि सीएम शुभेंदु अधिकारी ने इसे अमल में कराया।
वहीं, शुभेंदु ने कहा कि इसमें भाजपा की कोई भी भूमिका नहीं है। हालीशहर की घटना के विरोध में ममता खेमे के विधायकों ने बंगाल विधानसभा में प्रदर्शन किया। इस दौरान ऋतब्रत बनर्जी गुट के तीन विधायक तौसिफुर रहमान, विभास सरदार और खालेक मोल्ला भी नजर आए। बता दें कि रविवार को ममता बनर्जी हालीशहर में मृत तृणमूल कार्यकर्ता के घर पहुंची थीं। इस दौरान उनकी कार पर पत्थर, कीचड़ व जूते फेंके जाने की घटना सामने आई थी।