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बैरकपुर से पुरी-काशी और उत्तर बंगाल के लिए सीधी बस सेवा की पहल, कई नए रूट प्रस्तावित

Published: Sun, 06 Sep 2026 10:44 PM (IST)

उत्तर 24 परगना के बैरकपुर से पुरी, काशी और उत्तर बंगाल के लिए सीधी लंबी दूरी की बस सेवा शुरू ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. बैरकपुर से पुरी, काशी, उत्तर बंगाल के लिए सीधी बस सेवा।

  2. उत्तर प्रदेश से बस सेवा समझौता, ओडिशा से करार अंतिम चरण में।

  3. वरिष्ठ नागरिकों की किराये में छूट पर कैबिनेट में चर्चा होगी।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। उत्तर 24 परगना के बैरकपुर से अब पुरी, बनारस, मथुरा-वृंदावन समेत उत्तर प्रदेश के प्रमुख तीर्थस्थलों और उत्तर बंगाल के लिए सीधे लंबी दूरी की बस सेवा शुरू करने की तैयारी है। परिवहन विभाग ने कई नए रूट पर सेवा शुरू करने की पहल की है। परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने रविवार को बैरकपुर स्थित अपने कार्यालय में वरिष्ठ नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद इसकी जानकारी दी।

अर्जुन सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के साथ बस सेवा को लेकर समझौता हो चुका है, जबकि पुरी (ओडिशा) के साथ करार अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि जल्द ही समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। नए रूट की बसों के संचालन और ठहराव के लिए बैरकपुर में परिवहन विभाग के पास पर्याप्त जमीन और बुनियादी ढांचा उपलब्ध है। उन्होंने पुराने अदालत परिसर के पास, तालपुकुर और नीलगंज में विभाग की जमीन का उल्लेख किया।

इलाज के लिए भी सीधे बस रूट की तैयारी

परिवहन विभाग बैरकपुर और नैहाटी से एम्स तथा ईस्टर्न बाइपास इलाके के अस्पतालों तक सीधी बस सेवा शुरू करने की भी योजना बना रहा है। इसका उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों को बार-बार बस बदलने की परेशानी से राहत देना है।

मंत्री ने कहा कि कोशिश है कि यात्रियों को अस्पताल पहुंचने के लिए तीन बार वाहन बदलने की जरूरत न पड़े। इसके अलावा रूट संख्या 85 को भी पूरी तरह चालू करने की पहल की जा रही है। अर्जुन सिंह के अनुसार, निजी बसों के साथ इस रूट पर 10 से अधिक सरकारी बसें चलाने की योजना है।

वरिष्ठ नागरिकों की किराये में छूट की मांग

रविवार को वरिष्ठ नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने सरकारी बसों में 50 प्रतिशत किराये की छूट देने की मांग भी परिवहन मंत्री के सामने रखी। अर्जुन सिंह ने कहा कि किराये में इस तरह की रियायत देने का फैसला केवल उनके स्तर पर नहीं हो सकता। इसके लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी आवश्यक है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि प्रस्ताव को मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा।