हफ्तों के सात दिन किसी न किसी देवी को समर्पित होते हैं। शनिवार का दिन शनि देव के लिए है, जिन्हें न्याय का देवता भी कहा जाता है।
ऐसा कहा जाता है कि यदि किसी व्यक्ति पर शनि देव की कृपा बरसने लगे तो उसके जीवन की तमाम परेशानियां दूर होने लगती है।
शनि देव को प्रसन्न करने के लिए हमारे ज्योतिष शास्त्र में कई सारे विशेष उपाय बताए गए हैं। इन्हीं उपायों में से एक शनि चालीसा का पाठ करना भी है।
ऐसे में अगर आप शनिवार के दिन शनि चालीसा का पाठ करते हैं तो आपके सदैव खुशियां ही खुशियां होंगी। आइए इनके बारे में विस्तार से जानें।
'जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल। दीनन के दुख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज। करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज॥
जय गिरिजा पति दीन दयाला । सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥ भाल चन्द्रमा सोहत नीके । कानन कुण्डल नागफनी के ॥
अंग गौर शिर गंग बहाये । मुण्डमाल तन क्षार लगाए ॥ वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे । छवि को देखि नाग मन मोहे ॥
मैना मातु की हवे दुलारी । बाम अंग सोहत छवि न्यारी ॥ कर त्रिशूल सोहत छवि भारी । करत सदा शत्रुन क्षयकारी ॥
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