ऐसी मान्यता है कि इस पौधे की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान हुई थी। यह पौधा देवताओं को मिला था। इंद्र देव ने इसे अपनी वाटिका में लगाने का आदेश दिया था।
इस पौधे के फूलों को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा में उपयोग किया जाता है। पूजा के लिए उन्हीं फूलों का इस्तेमाल किया जाता है, जो पौधे से टूटकर गिरते हैं।
इस पौधे को घर में लगाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इसे घर की उत्तर या पूर्व दिशा में लगाना चाहिए।
इस पौधे को देखने से मन को सुकून मिलता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मानसिक तनाव दूर होता है।
कर्ज से छुटकारा पाना चाहते हैं तो हरसिंगार के पौधे की जड़ को लाल कपड़े में लपेटकर माता लक्ष्मी के सामने रखें और फिर विधिवत पूजा करें।
जड़ पर हल्दी व सिंदूर का तिलक लगाएं, इसके बाद कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें, पूजा के बाद जड़ को धन के स्थान अथवा पर्स में रखें। ऐसा करने से कर्ज से मुक्ति मिलेगी।
धार्मिक के साथ-साथ इससे सेहत के लाभ भी मिलते हैं। गठिया रोग से बचाव के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। वहीं इसके पत्तों से बना पेस्ट ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की समस्या में राहत दिलाता है।
व्यापार में तरक्की नहीं मिल रही है तो हरसिंगार के फूलों से ये उपाय कर सकते हैं। हरसिंगार के 21 फूलों को लाल कपड़े में बांधकर व्यापार की जगह या गल्ले में रखें। ऐसा करने से व्यापार में तरक्की मिलती है।
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