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    मानसून शुरू होते ही आपदा के मुहाने पर उत्तरकाशी, भागीरथी में बनने लगी झील; निचले इलाकों को खतरा

    Updated: Fri, 03 Jul 2026 07:44 AM (IST)

    उत्तरकाशी के भटवाड़ी में पापड़गाड़ के पास भागीरथी नदी में फिर से झील जैसी स्थिति बन रही है, जिससे निचले तटवर्ती इलाकों को बड़ा खतरा है। आपदा प्रबंधन व ...और पढ़ें

    इस झील के पूरी तरह खाली नहीं होने के चलते दोबारा यहां झील बनने की स्थितिया बनीं। जागरण

    इस झील के पूरी तरह खाली नहीं होने के चलते दोबारा यहां झील बनने की स्थितिया बनीं। जागरण

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    जागरण टीम, उत्तरकाशी/भटवाड़ी। भटवाड़ी के निकट पापड़गाड़ के पास फिर झील बनने जैसे हालात बनने लगे हैं। इससे निचले तटवर्ती इलाकों के लिए बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है।

    बीते वर्ष आपदा प्रबंधन विभाग ने भागीरथी नदी के गाड़ में आए मलबे से बाधित प्रवाह को सुचारू कराने की बात कही थी, लेकिन इसे पूरी तरह सुचारू नहीं कराया गया, जिस कारण दोबारा से यहां स्थितियां बिगड़ती दिख रही हैं।

    दरअसल, गंगाघाटी में भागीरथी नदी संकरी घाटी से बहती हुई आती है, जिसमें कई स्थानों पर गाड़-गदेरे भी नदी की धारा में मिलते हैं। ऐसा ही एक पापड़ गाड़ भटवाड़ी से कुछ दूरी पर है, जिसके उफान पर आने से भारी मात्रा में आए मलबे ने भागीरथी नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित कर दिया था, कुछ मलबा गाड़ के उफान से बाद में अपने आप हटा, जिससे खतरे की स्थिति टल गई थी।

    थमता हुआ नजर आ रहा है नदी का पानी

    यहां फिर अब भारी मात्रा में नदी का पानी थमता हुआ नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में वर्षा का दौर बढ़ेगा। यदि ऐसे में दोबारा से पापड़गाड़ में मलबा आता है तो यह नदी के प्रवाह को बाधित कर सकता है। इससे निचते तटवर्ती इलाकों, भटवाड़ी, मनेरी, हीना, गंगोरी आदि के लिए खतरा बढ़ सकता है।

    स्थानीय विपिन राणा, विवेक नौटियाल, दिनेश रमोला आदि ने समय रहते जिला प्रशासन से यहां नदी के बाधित हो रहे प्रवाह को सामान्य करने की मांग की है, जिससे आपदा का खतरा टल सके।

    पापड़गाड़ के पास चैनलाइजेशन तो कराया था। वहां पर झील नहीं है, वहां पर आरबीएम भरा हुआ है। इस कारण थोड़ा पानी रूकने से झील जैसी प्रतीत हो रही है। वर्तमान में मशीन उतारकर काम करना संभव नहीं है। लेकिन उस पर तटवर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को पूरी नजर रखी जा रही है। - शार्दुल सिंह गुसाईं, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उत्तरकाशी

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