चीन सीमा के पास नेलांग घाटी में बारहमासी पर्यटन की शुरुआत, इसके लिए गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन ने SOP बनाई
गंगोत्री नेशनल पार्क की नेलांग घाटी अब साल भर पर्यटकों के लिए खुली रहेगी। शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पार्क प्रशासन ने एसओपी तैयार की है। ...और पढ़ें

उत्तरकाशी की नेलांग घाटी का का विहंगम नजारा। साभार गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन

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अजय कुमार, उत्तरकशी। चीन सीमा से लगे देश के तीसरे सबसे बड़े गंगोत्री नेशनल पार्क की नेलांग घाटी अब पर्यटकों के लिए बारहों महीने खुली रहेगी।
पार्क प्रशासन की ओर से बारहमासी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शासन के निर्देश पर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की गई है।
इसके तहत इस वर्ष शीतकाल के दौरान नेलांग घाटी में सुरक्षित व नियंत्रित ढंग से पर्यटन गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट एक अप्रैल से 30 नवंबर तक खुले रहते थे। इसके बाद पार्क के अंतर्गत गंगोत्री-गोमुख ट्रेक, केदारताल, गर्तांग गली, नेलांग घाटी आदि क्षेत्रों में पर्यटकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लग जाता था।
अब सरकार के प्रदेश में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नेलांग घाटी में भैरोंघाटी से नेलांग तक 23 किमी और नेलांग से नागा तक सात किमी क्षेत्र को दिसंबर से मार्च तक भी खुला रखने का निर्णय लिया गया है।

इसके लिए वन विभाग ने पर्यटकों के लिए एसओपी तैयार कर ली है। लद्दाख की तरह भूगोल वाली नेलांग घाटी को छोटा लद्दाख नाम से भी जाना जाता है।
यहां शीतकाल में भी पर्यटकों की चहलकदमी से जहां पार्क का राजस्व बढ़ेगा, वहीं देश-विदेश के पर्यटक प्रकृति की खूबसूरती को भी निहार सकेंगे।
हालांकि, शीतकाल में वन्यजीवों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों से निचले क्षेत्रों में आने के कारण उनके वासस्थलों की सुरक्षा की भी चुनौती होगी।
हर दिन भेजे जाएंगे अधिकतम सौ पर्यटक
एसओपी के अनुसार शीतकाल में नेलांग घाटी के भ्रमण को भेजे जाने वाले पर्यटकों की संख्या भी निर्धारित की गई है।
इसके तहत प्रतिदिन अधिकतम सौ पर्यटक व 20 वाहनों को जाने की अनुमति होगी। प्रतिदिन सुबह आठ से 11 बजे के मध्य पर्यटकों को प्रवेश दिया जाएगा और शाम पांच बजे तक उन्हें पार्क क्षेत्र से बाहर निकलना होगा।

यह देना होगा शुल्क
- भारतीय : प्रति पर्यटक 300 रुपये
- विदेशी : प्रति पर्यटक 1200 रुपये
- हल्के वाहन (भारतीयों के लिए) : 250 रुपये
- हल्के वाहन (विदेशियों के लिए) : 400 रुपये
- मध्यम वाहन (भारतीयों के लिए) : 500 रुपये
- मध्यम वाहन (विदेशियों के लिए) : 1,000 रुपये
- बड़े वाहन (भारतीयों के लिए) : 800 रुपये
- बड़े वाहन (विदेशियों के लिए) : 1200 रुपये
- कैमरे से फोटोग्राफी के लिए अलग से शुल्क निर्धारित
- ड्रोन से फोटो व वीडियोग्राफी प्रतिबंधित
कूड़ा प्रबंधन को जमा होगी सिक्योरिटी राशि
पार्क क्षेत्र में कूड़ा प्रबंधन के लिए प्रत्येक ग्रुप से 100 रुपये की सिक्योरिटी राशि जमा कराई जाएगी, जिसे कचरा वापस लाने पर वापस कर दिया जाएगा। इसके लिए बैरियर पर एक वेस्ट लागबुक तैयार करने की भी योजना है।
शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पार्क की नेलांग घाटी को पर्यटकों के लिए शीतकाल में भी खुला रखने निर्णय लिया गया है। एसओपी के अनुसार इसके लिए पर्यटन गतिविधियां सुरक्षित व नियंत्रित ढंग से संचालित की जाएंगी।
-हरीश नेगी, उप निदेशक, गंगोत्री नेशनल पार्क
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