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    खरगे का CM Dhami पर तीखा हमला, '1973 में ही पंतनगर आ चुका था, ज्ञान बढ़ाएं मुख्यमंत्री'

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 02:21 PM (IST)

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रुद्रपुर में धामी के 'राजनीतिक पर्यटन' वाले बयान पर पलटवार किया। ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, रुद्रपुर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को रुद्रपुर के सोनिया होटल में प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक लेकर आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को एकजुट होकर मैदान में उतरने का मंत्र दिया।

    उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के उत्तराखंड में आने को लेकर दिए गए 'राजनीतिक पर्यटन' वाले बयान पर तीखा पलटवार किया। खरगे ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी जी को अपना ज्ञान थोड़ा और समृद्ध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब धामी का जन्म भी नहीं हुआ था, तब वह वर्ष 1973 में पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय आ चुके थे और उस समय तक विधायक भी बन चुके थे।

    खरगे ने कहा कि विधानसभा चुनाव अब ज्यादा दूर नहीं हैं। यह कांग्रेस के लिए एक सियासी परीक्षा है, जिसे हर हाल में पास करना है। उन्होंने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से चुनाव को चुनौती के रूप में लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन में पद मिलना सम्मान के साथ जिम्मेदारी बढ़ना भी है। जिस कार्यकर्ता को पद मिला है, उसकी जिम्मेदारी और जवाबदेही भी तय हो गई है। ऐसे में सभी को पूरी गंभीरता के साथ अपनी भूमिका निभानी होगी।

    'भाजपा के दुष्चक्र का डटकर जवाब दें'

    कांग्रेस अध्यक्ष ने पदाधिकारियों से भाजपा के कथित दुष्चक्र का डटकर जवाब देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चुनाव में संगठन की मजबूती ही सबसे बड़ा हथियार है। बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना होगा। उन्होंने स्पष्ट हिदायत दी कि बूथ लूटने वालों को किसी भी हाल में सफल नहीं होने देना है। कार्यकर्ताओं को चुनावी प्रक्रिया पर नजर रखते हुए पूरी मुस्तैदी के साथ काम करने का संदेश दिया।

    'एकजुट रहना ही नहीं, दिखना भी जरूरी'

    खरगे ने प्रदेश कांग्रेस में एकजुटता को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट रहना है और एकजुट दिखाई भी देना है। उन्होंने संगठन में अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। कहा कि पार्टी अनुशासन से ऊपर कोई नहीं है और किसी को भी स्वयं को संगठन से बड़ा नहीं समझना चाहिए। 

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    बैठक में कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेशाध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष करन माहरा और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल समेत प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

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