कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उत्तराखंड में ली नेताओं की बैठक, दिया विनर प्लान
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उत्तराखंड में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर 'विनर प्लान 2027' का रोडमैप साझा किया। ...और पढ़ें

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, रुद्रपुर। हल्द्वानी से प्रदेश में चुनावी शंखनाद करने के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तराई में बैठकर जीत की तैयारियों का रोडमैप खींचा।
दौरे के दूसरे दिन राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे रविवार को पार्टी के नए प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक की। विनर प्लान के तहत पहुंचे खरगे किसी स्तर पर कोई कमी नहीं देखना चाहते हैं। इसीलिए उनके आगमन से एक दिन पहले ही पार्टी की नई कार्यकारिणी सामने आ गई।
इधर, खरगे ने देवभूमि के दौरे में उनके साथ तत्काल अलग से एक बैठक भी निश्चित कर ली, ताकि चुनावी तैयारियों में रह जाने वाली छोटी-छोटी चूक कहीं पर भी न रह सके। इस बैठक के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष पंतनगर एयरपोर्ट से दिल्ली को उड़ान भर लेंगे।
विनर प्लान -2027
इससे पहले शनिवार शाम को रुद्रपुर पहुंचे खरगे एक बड़े होटल में ठहरे, जहां देर शाम पार्टी की क्रीम लेयर के साथ अति गोपनीय बैठक की और करीब दो घंटे की विस वार समीक्षा के बाद अपना ''विनर प्लान -2027 '' सौंप दिया। इस प्लान में खरगे ने विस सीट वार पांच स्थानीय बड़े मुद्दों को आक्रामक तरीके से उठाने, बूथ की पहरेदारी यूथ को सौंपने आैर पार्टी में बूथ से लेकर प्रदेश नेतृत्व तक पूरी तरह एकजुट दिखने के टिप्स दिए। उन्होंने जनसभा में पहुंची भीड़ पर सभी को बधाई दी आैर कहा कि जनता परिवर्तन चाहती है, अब हम जनता के मत को किस तरह हासिल कर सकते हैं इस पर पूरी ताकत से काम करना होगा। हम सभी को संकल्पबद्ध होकर यह तय कर लेना है कि बूथ लुटना नहीं चाहिए...।
हल्द्वानी रोड स्थित रेडिशन होटल में पार्टी की प्रदेश प्रभारी सैलजा, प्रदेशाध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या, सभी फ्रंटल संगठनों के प्रदेशाध्यक्ष समेत मौजूदा विधायकों संग चर्चा में पहले विस सीट वार सियासी तस्वीर को समझा। फिर कहा कि हमें राष्ट्रीय के साथ स्थानीय जनमुद्दों पर आक्रामकता तेज करनी होगी। बूथ जीतने पर ही चुनाव जीता जा सकेगा और हर पार्टी जिम्मेदार की समीक्षा उसके बूथ से की जाएगी। बैठक में विस क्षेत्रवार उन प्रमुख जनमुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिनको लेकर जनता में सबसे ज्यादा नाराजगी और पीड़ा है।
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खड़गे ने इन मुद्दों पर पार्टी नेताओं और संगठन को जमीनी स्तर पर ठोस होमवर्क करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाने से पहले पार्टी को यह स्पष्ट पता होना चाहिए कि हर विधानसभा क्षेत्र में लोगों की सबसे बड़ी समस्याएं क्या हैं और उनके समाधान को लेकर कांग्रेस का स्पष्ट रोडमैप क्या होगा। खरगे ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि एसआईआर पर पूरा फोकस करें आैर मतदाताआें के नाम काटने में किसी प्रकार की साजिश को सफल नहीं होने दें।
सीनियर संभालेंगे निगरानी, यूथ को सौंपे बूथ की कमान
खरगे ने बूथ मैनेजमेंट को चुनावी रणनीति का सबसे अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि पार्टी नेताओं को अभी से बूथ स्तर तक तैयारी और उसकी समीक्षा कर लेनी चाहिए। सीनियर कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन और मानिटरिंग की जिम्मेदारी दी जाए, जबकि युवाओं को बूथ जीतने की कमान सौंपी जाए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को दो टूक संदेश दिया कि चुनाव के दिन बूथ पर संगठन की पकड़ मजबूत होनी आैर दिखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रत्येक जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता को यह संकल्प लेना होगा कि ‘मुझे अपना बूथ जीतना है।’ यदि संगठन इस लक्ष्य के साथ पूरी ताकत से जुट जाए तो सत्ता के तमाम दुष्चक्र भी कांग्रेस के पक्ष में होने वाले चुनावी उलटफेर को रोक नहीं पाएंगे।
बूथ कार्यकर्ता से सीधे बात कर सकते हैं खरगे
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बूथ पदाधिकारी को सर्वाधिक महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वह कभी भी और कहीं भी बूथ कार्यकर्ता से सीधे बात कर सकते हैं। ऐसे में बूथ स्तर से मिलने वाली जानकारी पूरी तरह सटीक होनी चाहिए। यदि जमीनी रिपोर्ट और वास्तविक स्थिति में अंतर मिला तो संबंधित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और पार्टी जिलाध्यक्ष की जवाबदेही तय होगी। इस संदेश के जरिए खरगे ने साफ कर दिया कि अब सांगठनिक रिपोर्ट का जमीनी सत्यापन भी किया जाएगा।
एकजुटता पर खुशी जताई, गुटबाजी पर पर दिया सख्त संदेश
बैठक में खरगे ने खुशी जताई कि उत्तराखंड कांग्रेस के सभी नेता एकजुट दिख रहे हैं। बोले, जनसभा की सफलता इसका प्रमाण दे रही है। इसे बरकरार रखा जाए, क्योंकि पहले हमें प्रतिद्वंदियों को हराना है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मत आैर मन भिन्नता न तो संगठन के भीतर दिखाई देनी चाहिए और न ही सार्वजनिक तौर पर इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त किया जाएगा। यही नहीं गैरजिम्मेदाराना बयानबाजी से बचने की भी उन्होंने हिदायत दी। अगर इस तरह कोई करता है तो पार्टी में पद और कद चाहे कितना ही बड़ा क्यों न हो, अनुशासनहीनता की कार्रवाई होगी ही होगी।
संदेश साफ : पहले संगठन, फिर सत्ता की लड़ाई
रुद्रपुर की इस बंद कमरे की बैठक से कांग्रेस के लिए खरगे का संदेश स्पष्ट रहा कि चुनावी लड़ाई मंच से ज्यादा बूथ पर लड़ी जाएगी। जनता के मुद्दों पर मजबूत होमवर्क, बूथ स्तर पर संगठन की पकड़, युवाओं की सक्रिय भागीदारी और नेताओं के बीच एकजुटता को चुनावी सफलता का आधार बनाया जाएगा।
हल्द्वानी की जनसभा के बाद रुद्रपुर में हुई यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों को अब सार्वजनिक राजनीतिक गतिविधियों से आगे बढ़ाकर संगठन के सबसे निचले स्तर यानी बूथ तक ले जाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।