केदारनाथ में लगातार बर्फबारी, धाम में चार फीट तक बर्फ; पैदल रास्ता बंद और पाइप लाइन फ्रीज
केदारनाथ धाम में लगातार बर्फबारी से प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि यात्रा 22 अप्रैल से शुरू हो रही है। तीन-चार फीट बर्फ जमने से पैदल मार्ग अवर ...और पढ़ें
HighLights
केदारनाथ में लगातार बर्फबारी से यात्रा तैयारियां प्रभावित
तीन-चार फीट बर्फ से मार्ग अवरुद्ध, पेयजल समस्या
प्रशासन के लिए मूलभूत सुविधाएं बहाल करना बड़ी चुनौती
संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में तीसरे दिन भी सुबह से लगातार भारी बर्फबारी जारी रही, जिससे आगामी यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं। यात्रा शुरू होने में अब दो सप्ताह से भी कम समय शेष है, लेकिन धाम में तीन से चार फीट तक बर्फ जमने के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। हालांकि इसके बावजूद पुनर्निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक सामग्री को जोखिम भरे हालात में घोड़े-खच्चरों के माध्यम से लगातार पहुंचाया जा रहा है।
लगातार हो रही बर्फबारी के चलते पैदल मार्ग एक बार फिर से बर्फ सेऋढक गया है। प्रशासन द्वारा पहले मार्ग से बर्फ हटाई गई थी, लेकिन नई बर्फबारी के कारण रास्ते फिर से ढक गए हैं। इससे यात्रा मार्ग को सुचारू बनाए रखना कठिन हो गया है। वहीं तापमान शून्य से नीचे गिरने के कारण पानी की पाइपलाइन जम गई है, जिससे पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
22 अप्रैल से शुरू हो रही यात्रा
यात्रा इस वर्ष 22 अप्रैल से शुरू हो रही है, जो सामान्य वर्षों की तुलना में लगभग 10 से 15 दिन पहले है। ऐसे में मौसम की कठोरता और अधिक देखने को मिल रही है। आमतौर पर मई के पहले या दूसरे सप्ताह में यात्रा शुरू होने पर मौसम अपेक्षाकृत अनुकूल रहता है, लेकिन इस बार समय से पहले यात्रा शुरू होने के कारण बर्फबारी और ठंड ने प्रशासन की परीक्षा ले ली है।
कपाट खुलने के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन के सामने मूलभूत सुविधाओं को बहाल करना सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है। ठंड के मौसम में विशेष रूप से हृदय रोगियों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, भोजन और आवास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
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निर्माण कार्यों से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद कार्यों को समय पर पूरा करने का प्रयास जारी है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की लोनिवि शाखा के अधिशासी अभियंता राघवेंद्र सिंह के अनुसार, लगातार बर्फबारी से कार्य प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद निर्माण सामग्री को धाम तक पहुंचाया जा रहा है और सभी आवश्यक तैयारियां तय समय में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती मौसम के लगातार बिगड़ते हालात के बीच यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से शुरू करना है। यदि मौसम में सुधार नहीं होता है, तो शुरुआती दिनों में यात्रा संचालन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और प्रशासनिक तैयारियां दोनों ही यात्रा की सफलता तय करेंगी।