उत्तराखंड में अप्रैल में जनवरी की ठंड का एहसास, केदारनाथ में भारी बर्फबारी जारी
उत्तराखंड में अप्रैल माह में जनवरी जैसी ठंड महसूस की जा रही है। मंगलवार रात से हो रही बर्फबारी और मूसलाधार वर्षा ने ठंड बढ़ा दी है। ...और पढ़ें
HighLights
अप्रैल में उत्तराखंड में जनवरी जैसी ठंड का एहसास
बर्फबारी और मूसलाधार वर्षा से बढ़ी ठंड
चारधाम यात्रा की तैयारियों पर पड़ रहा असर
जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड में अप्रैल माह में जनवरी का एहसास हो रहा है। मंगलवार रात से हो रही बर्फबारी व मूसलाधार वर्षा से ठंड लौट आई है। केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी हो रही है।
देहरादून समेत पहाड़ों में फिर गर्म कपड़े निकल गए हैं। बर्फबारी व वर्षा से 19 अप्रैल 2026 से गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही शुरू होने वाली चारधाम यात्रा की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं।
फसलों को नुकसान की आशंका से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत व ऊधमसिंह नगर में गरज-चमक के साथ वर्षा और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।
बारिश के साथ हवा चलने से गेहूं की फसल गिरी, बाजारों में सन्नाटा
विकासनगर: पछवादून व जौनसार बावर में वर्षा के चलते कई स्थानों पर जलभराव दिखाई दिया। रात से लगातार चल रही वर्षा बुधवार सुबह तक जारी रही। वर्षा के साथ तेज हवा चलने की वजह से पछवादून में गेहूं की फसल गिरने से किसानों को उत्पादन में कमी की चिंता सता रही है।
बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में बागवानी व फसलों को फायदा हुआ है, लेकिन मैदानी इलाकों में गेहूं किसानों को इसका नुकसान हो रहा है। बाजारों व गलियों में सन्नाटा पसरा रहा।
गेहूं की तैयार फसल गिरने से संकट
डोईवाला: बीती रात्रि से हो रही वर्षा के बाद जहां गेहूं की तैयार फसल गिरने से इसके खराब होने का संकट बढ़ गया है। तो वहीं देहरादून शहर की गंदगी सुसवा नदी में बहकर आने से सुसवा नदी का पानी पूरी तरह से दूषित नजर आ रहा है। वहीं वन क्षेत्र में इस वर्षा से खासा लाभ मिला है और वन क्षेत्र पूरी तरह से हरे-भरे दिखाई दे रहे हैं। जिससे आगजनी आदि की समस्या से भी निजात मिलेगी।