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भोटेकोशी नदी की बाढ़ में ईशा फाउंडेशन के 77 कैलाश यात्री लापता, अंबिकापुर की मीना गुप्ता से भी टूटा संपर्क

Published: Thu, 27 Aug 2026 10:35 PM (IST)

नेपाल-तिब्बत सीमा पर भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से भारी तबाही मची है। ईशा फाउंडेशन के कैलाश मानसरोवर यात्रा ...और पढ़ें

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HighLights

  1. नेपाल-तिब्बत सीमा पर भोटेकोशी नदी में विनाशकारी बाढ़ आई।

  2. कैलाश मानसरोवर यात्रा के 77 तीर्थयात्री लापता हो गए।

  3. लापता दल ईशा फाउंडेशन के एस-3 बैच का हिस्सा था।

जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़। नेपाल के रसुवा क्षेत्र और तिब्बत (चीन) सीमा पर भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस भयानक प्राकृतिक आपदा के बाद ईशा फाउंडेशन के माध्यम से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 77 तीर्थयात्रियों का दल लापता हो गया है। अचानक आई इस जलप्रलय से यात्रियों के स्वजनों में भारी चिंता का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी तीर्थयात्री ईशा फाउंडेशन के एस-3 बैच के तहत यात्रा कर रहे थे। जिस समय यह भयावह हादसा हुआ, वे चीन के जिरोंग इमिग्रेशन सेंटर पर मौजूद थे।

स्वजनों से संपर्क टूटा

इसी दल में शामिल ब्रिटिश नागरिक और मूल रूप से अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) की रहने वाली महिला मीना गुप्ता से भी उनके स्वजनों का संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। मीना एनटीपीसी भोपाल के महाप्रबंधक संजीव गुप्ता की बहन हैं। स्वजनों के मुताबिक मीना गुप्ता से उनकी आखिरी बार 25 अगस्त की रात फोन पर बात हुई थी, जिसके बाद से फोन लगातार बंद आ रहा है।

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संजीव गुप्ता सीमांत ब्लॉक धारचूला के प्रधान संगठन अध्यक्ष और गर्गुवा के प्रधान चंचल धामी के मित्र हैं |उन्होंने उत्तराखण्ड में सबसे टालफ्री नंबर जारी होने पर चंचल धामी से पता लगाने को कहा था | श्री धामी ने बताया कि लापता यात्रियों की कुशलता जानने के लिए स्थानीय प्रशासन व संबंधित उच्चाधिकारियों से लगातार संपर्क साधा जा रहा है।