उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण पर हाई कोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण और समान कार्य समान वेतन पर सरकार से जवाब मांगा है। ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, नैनीताल। हाई कोर्ट ने उत्तराखंड उपनल कर्मचारी संघ की याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को कैबिनेट के समक्ष रखा गया है। जिस पर निर्णय को लेकर अतिरिक्त समय की मांग की गई। जिसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई बुधवार के लिए नियत कर दी।
शुक्रवार को न्यायाधीश न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ में अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। जिसमें कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के आदेश के बाद उपनल कर्मचारियों को समान कार्य समान वेतन देने के साथ ही नियमितीकरण नहीं किया गया।
उपनल से लगे कर्मचारियों को नियमित करने का कोई प्रावधान नहीं
कोर्ट ने पूर्व में सुझाव देकर कहा कि सचिव कार्मिक, सचिव वित्त और मुख्य सचिव आपस मे बैठकर यह निर्णय लें कि जो वर्तमान नियमावली है, उसके आधार पर इनको कैसे नियमित किया सकता है। साथ मे कोर्ट ने न्यूनतम वेतनमान दिए जाने के बारे में भी विचार करने को था। सरकार की तरफ से कहा गया कि उपनल से लगे कर्मचारियों को नियमित करने का कोई प्रावधान नहीं है।
संविदा कर्मचारी संघ की ओर से कहा गया कि कोर्ट की खंडपीठ ने उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण के सम्बंध में एक आदेश जारी किया था लेकिन अब तक राज्य सरकार की तरफ से कोई निर्णय नहीं लिया गया। न ही इसे यायलय के रिकॉर्ड में लाया गया है।