नैनीताल में स्वाइन फ्लू से पहले मरीज की मौत, वेंटिलेटर पर थे बुजुर्ग; अब अस्पताल प्रबंधन CMO को भेजेगा डेथ ऑडिट
नैनीताल जिले में स्वाइन फ्लू से पहली मौत दर्ज की गई है, जहां 62 वर्षीय बुजुर्ग ने हल्द्वानी के डॉ. ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
नैनीताल में स्वाइन फ्लू से पहली मौत हुई।
62 वर्षीय बुजुर्ग ने हल्द्वानी अस्पताल में दम तोड़ा।
सीएमओ ने अस्पताल को डेथ ऑडिट के निर्देश दिए।
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। नैनीताल जिले में स्वाइन फ्लू से एक मरीज की मौत का पहला मामला सामने आया है। स्वाइन फ्लू से संक्रमित 62 वर्षीय बुजुर्ग ने डा. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय (एसटीएच) में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। 29 अगस्त को देहरादून से गंभीर स्थिति में अस्पताल आए बुजुर्ग वेंटिलेटर पर भर्ती थे। चिकित्सा अधीक्षक डा. अरुण जोशी ने स्वाइन फ्लू से मौत की सूचना सीएमओ को भेज दी है।
नैनीताल निवासी बुजुर्ग की तबीयत करीब एक सप्ताह पहले बिगड़ने पर स्वजन ने उन्हें हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत गंभीर होने पर स्वाइन फ्लू की जांच कराई गई, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई। मरीज की बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्हें एम्स ऋषिकेश रेफर किया, लेकिन वहां बेड न मिलने के कारण मरीज को उनके स्वजन ने देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
कुछ दिनों तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद मरीज को 29 अगस्त में एसटीएच हल्द्वानी लाया गया। निमोनिया, हाई ब्लड प्रेशर के साथ स्वाइन फ्लू के लक्षण होने से एसटीएच के डाक्टरों ने मरीज की स्थिति बताई। यहां उनका वेंटिलेटर पर भर्ती कर इलाज चल रहा था, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार न होने से अचानक उनकी मौत हो गई।
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सीएमओ डा. रश्मि पंत ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन को मौत के संबंध में डेथ आडिट करने को कहा है। इसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी कि मरीज की मौत असम में किन कारणों से हुई है।
