विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गैस संकट के कारण नए घरेलू एलपीजी कनेक्शन पर रोक... आसमान छू रहे छोटू के दाम

Published: Fri, 04 Sep 2026 10:50 AM (IST)

गैस संकट के कारण मार्च से नए घरेलू एलपीजी कनेक्शन पर रोक लगी हुई है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

गैस::::::नाम है छोटू पर दाम छू रहे आसमान
-गैस संकट के चलते मार्च में नए एलपीजी कनेक्शन देने पर लगा दी गई थी रोक
-नए कनेक्शन नहीं मिलने से लोगों को हो रही परेशानी, खरीदना पड़ रहा महंगा छोटू सिलिंडर

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। भले ही पश्चिम एशिया में संघर्ष रुक-रुक कर बढ़ रहा है, लेकिन स्ट्रेट आफ होर्मुज से ईंधन और गैस की आपूर्ति पहले के मुकाबले काफी सुधर चुकी है। इसके बाद भी अभी लोगों को नए घरेलू एलपीजी कनेक्शन देने की सुविधा नहीं शुरू हो पाई है। इस कारण लोग परेशान हो रहे हैं।

दरअसल, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद देश में गैस और ईंधन संकट पैदा हो गया था। इस कारण मार्च में 14.2 किलो वाले नए घरेलू गैस कनेक्शन देने पर रोक लगा दी थी, लेकिन संघर्ष को लेकर अनिश्चितता के चलते अभी भी नए कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं।

सरस मार्केट स्थित इंडेन की गैस एजेंसी के प्रबंधक भरत सिंह खाती ने बताया कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस पर रोक लगाई है। प्रतिदिन आठ से 10 लोग नए कनेक्शन की जानकारी लेने पहुंच रहे हैं। उन्हें बताया जा रहा है कि वे फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) वाले पांच और 10 किलो वाला सिलिंडर ले सकते हैं। इसी तरह भारतगैस की चौधरी गैस एजेंसी के प्रबंधक किरन सिंह बोरा ने बताया कि 10 से 12 लोग नए गैस कनेक्शन से जुड़ी पूछताछ कर रहे हैं।

छोटा सिलिंडर पड़ता है महंगा

दरअसल लोगों को जो पांच और 10 किलो वाले सिलिंडर का विकल्प दिया जा रहा है वो महंगा पड़ रहा है। जहां 14.2 किलो वाले गैस सिलिंडर को भरवाने में 962 रुपये लगते हैं, वहीं पांच किलो वाला 811 रुपये और 10 किलो वाला 1548 रुपये में भर रहा है, जबकि पांच और 10 किलो में भी घरेलू सिलिंडर का नया कनेक्शन नहीं मिल रहा है।

यह भी पढ़ें- LPG गैस खत्म हो जाए तो घबराइए नहीं, केवल पहचान पत्र देकर लें 5 Kg का छोटा सिलिंडर

आपूर्ति कब तक रहेगी, अनुमान लगाना मुश्किल

विशेषज्ञों की मानें तो वर्तमान में ईंधन की आपूर्ति ठीक है, लेकिन लंबे समय तक इसके बने रहने का अनुमान लगाना मुश्किल है क्योंकि पश्चिम एशिया में स्थिति अनिश्चित है और तेल विपणन कंपनियों की ओर से खरीदे जाने वाले जहाजों तथा मांग के अनुसार भंडारण क्षमता का प्रबंधन जरूरी है।

मौजूदा उपभोक्ताओं को दी जा रही प्राथमिकता
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के शिकायत निवारण मंच ने कहा था कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण वर्तमान में गैस वितरक मौजूदा उपभोक्ताओं को रीफिल आपूर्ति देने को प्राथमिकता दे रहे हैं, ताकि आवश्यक सेवाएं निर्बाध रहें। मंत्रालय ने इसे अस्थायी उपाय बताते हुए कहा कि स्थिति सामान्य होते ही नए कनेक्शन फिर से शुरू होने की उम्मीद है।