Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यूपी में खेती, उत्तराखंड में छात्रवृत्ति... 1353 छात्रों ने किया गड़बड़झाला

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 10:46 AM (IST)

    उत्तराखंड में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें 92 शिक्षण संस्थानों ने 2021-23 के दौरान 1353 अपात्र छात्रों के नाम पर करोड़ों रुप ...और पढ़ें

    इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

    इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण संवाददाता हरिद्वार। उत्तराखंड में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। जिन युवाओं के नाम पर सरकारी छात्रवृत्ति निकाली गई, उनमें कई ऐसे निकले जो उत्तर प्रदेश में खेती कर रहे थे।

    कोई निजी कंपनी में नौकरी कर रहा था, कोई दूसरे राज्य में पढ़ाई कर रहा था तो किसी ने कभी संबंधित संस्थान का मुंह तक नहीं देखा। अब इस पूरे खेल में शामिल 92 शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई शुरू हो गई है।

    92 शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई शुरू

    वर्ष 2021-22 और 2022-23 के दौरान उत्तराखंड के 92 संस्थानों ने 1353 अपात्र छात्रों के नाम पर करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति हासिल की।

    शुरुआती स्तर पर जिलों से कराई गई जांच में गड़बड़ियां सामने आने के बाद केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने संदिग्ध स्कूलों और मदरसों की सूची राज्य सरकार को भेजी। इसके बाद सत्यापन अभियान शुरू हुआ तो फर्जीवाड़े का ऐसा नेटवर्क सामने आया, जिसने पूरी व्यवस्था को सवालों के घेरे में ला दिया।

    सबसे हैरान करने वाले मामले हरिद्वार और सहारनपुर से जुड़े मिले। सहारनपुर का एक युवक उत्तर प्रदेश में खेती कर रहा था, लेकिन उत्तराखंड के एक संस्थान में उसे छात्र बताकर छात्रवृत्ति निकाल ली गई। युवक ने बताया कि उसने कभी हरिद्वार में पढ़ाई ही नहीं की। एक अन्य युवक ने बताया कि उसने केवल भाई के दाखिले के लिए कॉलेज का रुख किया था, लेकिन उसके नाम पर भी छात्रवृत्ति ले ली गई।

    खबरें और भी

    जांच में ऐसे भी युवक मिले, जिनके दस्तावेज छात्रवृत्ति के लिए लगाए गए, लेकिन उनके मोबाइल नंबर तक गलत दर्ज थे। कुछ छात्र दूसरे राज्यों में पढ़ाई कर रहे थे, जबकि कुछ पढ़ाई बीच में छोड़ चुके थे। इसके बावजूद उनके नाम पर छात्रवृत्ति लगातार जारी रही। कई मामलों में छात्रों के आधार, मोबाइल और बैंक संबंधी विवरण तक बिना जानकारी के इस्तेमाल किए गए।

    प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि रिकॉर्ड में सैकड़ों छात्र दर्ज थे, लेकिन मौके पर गिनती के छात्र मिले। कई संस्थानों ने अपनी वास्तविक क्षमता से कई गुना अधिक प्रवेश दिखाकर सरकारी धन पर हाथ साफ किया। पोर्टल पर दर्ज छात्र संख्या और जमीनी हकीकत में भारी अंतर मिला। इस मामले में हरिद्वार में 19 संस्थाओं के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने एसआईटी गठित कर दी है

    यह भी पढ़ें- भोपाल में MBA छात्रों के नाम पर फर्जी खाते खोलकर 99 लाख की छात्रवृत्ति हड़पी, बैंक मैनेजर समेत कई आरोपित CBI के रडार पर

    यह भी पढ़ें- हरिद्वार में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाला: 19 संस्थानों पर केस दर्ज, SIT जांच शुरू