अब 24 घंंटे मिलेगी लाइट: 25 साल तक 1320 मेगावॉट बिजली खरीद सकेगा उत्तराखंड, अदाणी पावर से करार मंजूर
उत्तराखंड कैबिनेट ने यूपीसीएल को अदाणी पावर से 25 साल तक 1320 मेगावॉट बिजली खरीदने की मंजूरी दी है, जिससे बिजली की मांग पूरी होगी और लागत स्थिर रहेगी।

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
यूपीसीएल अदाणी पावर से 25 साल तक खरीदेगा 1320 मेगावॉट बिजली।
शहरी भू-अभिलेखों का आधुनिकीकरण होगा, जिससे नियोजन में मिलेगी मदद।
देहरादून में मलिन बस्ती के 116 परिवारों को मुफ्त आवास मिलेंगे।
राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। बिजली की बढ़ती मांग पूरा करने और भविष्य में बिजली खरीद की लागत में अनिश्चितता कम करने के दृष्टिगत उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) अगले 25 साल तक अदाणी पावर लिमिटेड से 5.746 रुपये प्रति यूनिट की दर से 1320 मेगावॉट कोयला आधारित बिजली की खरीद कर सकेगा।
कैबिनेट ने इस सिलसिले में अदाणी पावर लिमिटेड के साथ बिजली आपूर्ति समझौते व अन्य संबंधित अभिलेखों पर हस्ताक्षर और शर्तें पूरा करने के साथ ही विद्युत नियामक आयोग से वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त करने के लिए यूपीसीएल को अधिकृत करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।
अदाणी पावर लिमिटेड से बिजली आपूर्ति समझौते के लिए यूपीसीएल को कैबिनेट ने किया अधिकृत
यूपीसीएल ने कोयला आधारित बिजली खरीद की दिशा में यह कदम टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से उठाया है। नियामक आयोग ने बीती आठ जुलाई को अदाणी पावर लिमिटेड के छत्तीसगढ़ स्थित संयंत्र से 1320 मेगावाट बिजली खरीद के प्रस्ताव को स्वीकृति दी थी। इस पहल के परवान चढ़ने पर राज्य के उपभोक्ताओं को चौबीस घंटे बिजली मिल सकेगी। विद्युत क्रय लागत स्थिर रहने से उपभोक्ताओं पर भी भार नहीं पड़ेगा। इसके अलावा औद्योगिक, वाणिज्यिक व पर्यटन विकास के लिए अपेक्षित ऊर्जा की उपलब्धता दीर्घकालीन अवधि तक सुनिश्चित हो सकेगी।
केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में उत्तराखंड को आवंटित कोल ब्लाक आवंटित किया है। अदाणी ग्रुप वहां थर्मल पावर प्लांट स्थापित कर विद्युत उत्पादन करेगा।
शहरी क्षेत्रों में अपडेट होंगे भू-अभिलेख, सुगम होगा नियोजन
केंद्र सरकार ने शहरी क्षेत्रों में भू-अभिलेखों को अद्यतन करने और प्रबंधन में बदलाव के उद्देश्य से डिजिटल इंडिया लैंड रिकार्ड माडर्नाइजेशन प्रोग्राम के तहत नक्शा (शहरी आबादी क्षेत्रों का राष्ट्रीय भूस्थानिक ज्ञान आधारित भूमि सर्वेक्षण) कार्यक्रम की शुरुआत की है। अब इस योजना में राज्य के शहरी क्षेत्रों में नक्शा कार्यक्रम के अंतर्गत स्वामित्व योजना की भांति भू-अभिलेखों का व्यापक और सटीक भूस्थानिक डाटाबेस तैयार किया जाएगा।
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कैबिनेट ने इसके लिए उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण और अभिलेख संक्रिया नियमावली लागू करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। हवाई और जमीनी सर्वेक्षण को उन्नत जीआइएस तकनीक के साथ एकीकृत कर यह कार्यक्रम भूमि प्रबंधन में दक्षता बढ़ाएगा और संपत्ति स्वामित्व अभिलेखों को व्यवस्थित करेगा। यह शहरी नियोजन को सुगम बिनाने में उपयोगी होगी।
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मलिन बस्तीवासियों को मुफ्त मिलेंगे 116 आवास
देहरादून में काठबंगला के निकट रिस्पना नदी के किनारे बसी मलिन बस्ती में रह रहे परिवारों में से नगर निगम द्वारा चयनित लाभार्थियों को शहरी विकास विभाग द्वारा काठबंगला में बनाए गए 116 आवास मुफ्त दिए जाएंगे। पहले इस योजना में लाभार्थियों को 90:10 में आवास देने का निश्चय किया था। यानी, 90 प्रतिशत राशि राज्य सरकार और 10 प्रतिशत लाभार्थी वहन करेगा। अब कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि लाभार्थी की 10 प्रतिशत राशि भी सरकार वहन करेगी।
