ऋषिकेश में गंगा की तेज धारा में बहने लगा पर्यटक, बोट कर्मी बने देवदूत और बचाई जान
लक्ष्मणझूला, ऋषिकेश में गंगा नदी के तेज बहाव में बह रहे एक पर्यटक को बोट कर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सकुशल बचाया। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। लक्ष्मणझूला क्षेत्र के अंतर्गत गंगा के तेज बहाव की चपेट में आकर बह रहे एक पर्यटक के लिए बोट कर्मी देवदूत बनकर आए।
बोट कर्मियों ने दूर से युवक को बहता देख तुरंत हाई स्पीड बोट से रेस्क्यू शुरू किया। समय रहते बह रहे युवक को सकुशल बचाने में कामयाबी मिली। पर्यटक ने बोट कर्मियों का आभार जताया।
बोट सेवा के प्रबंधक प्रिंस चावला ने बताया कि घटना शनिवार सुबह 11.30 बजे की है। जब लक्ष्मणझूला क्षेत्र के अंतर्गत सच्चा धाम आश्रम के समीप ध्रुव घाट पर एक पर्यटक नहा रहा था।
इस दौरान युवक गंगा के तेज बहाव की चपेट में आकर संतुलन खो बैठा और बहने लगा। इस दौरान बोट सेवा की हाई स्पीड बोट में तैनात पायलट ने युवक को बहते देखा और तुरंत अन्य दो प्रशिक्षित तैराकों के साथ हाई स्पीड बोट लेकर युवक को बचाने निकल गए।
कहा कि बोट की स्पीड अधिक तेज होने के कारण बोट कर्मी 35 से 45 सेकेंड में युवक के पास पहुंच गए और युवक को रेस्क्यू कर बोट में खींच लिया। इसके बाद युवक को घाट में सुरक्षित लेकर आए।
कहा कि युवक को प्राथमिक उपचार देने के बाद वह सामान्य स्थिति में आ गया। पर्यटक ने बोट कर्मियों को गले लगाकर धन्यवाद किया और वह चला गया। युवक ने अपनी पहचान रितेश कुमार निवासी दक्षिणी दिल्ली के रूप में बताई।
बोट सेवा के प्रबंधक चावला ने बताया कि यदि रेस्क्यू में कुछ सेकेंड की देर होती तो युवक को बचाना मुश्किल हो सकता था। उन्होंने इसकी सूचना उन्होंने पुलिस को भी दी।
गंगा घाटों में बढ़ी भीड़, बोट कर्मी मुस्तैद
बोट सेवा के संचालक अर्पित कुकरेजा ने बताया कि बोट सेवा के अंतर्गत बोट यात्री व सामान्य लोगों की सुरक्षा के लिए गंगा घाट पर एक हाई स्पीड बोट सुबह से शाम तक तैनात रखी जाती है।
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कहा कि इन दिनों पर्यटन सीजन चरम पर पहुंचने से गंगा घाटों पर भी पर्यटक व तीर्थ यात्रियों की भीड़ उमड़ रही है।
ऐसे में लोगों के बहने की आशंका अधिक बनी रहती है। इसे देखते हुए बोट कर्मियों हर समय रेस्क्यू के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है।
कहा कि पिछले एक वर्ष में गंगा में बहने वाले 10 से अधिक पर्यटकों को निजी बोट से रेस्क्यू कर बचा चुके हैं। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस व एसडीआरएफ को भी हरसंभव सहायता दी जाती है।
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