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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्‍तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष किशोर खुद नहीं करेंगे टिकट की दावेदारी

By gaurav kalaEdited By:
Updated: Tue, 11 Oct 2016 10:32 AM (IST)

उत्‍तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि वह खुद विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर अपनी दावेदारी पेश नहीं करेंगे। साथ ही यह नसीहत अन्‍य नेताओं को भी दी।

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देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने देहरादून जिला और महानगर कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों को विधानसभा चुनाव में खुद को दावेदारों के रूप में प्रस्तुत नहीं करने की नसीहत दी है। इन कमेटियों को 12 अक्टूबर तक दावेदारों की सूचियां उपलब्ध कराने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम जिलाध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों की दावेदारी पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी खुद विचार करेगी।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला और महानगर कांग्रेस कमेटियां इन दिनों विधानसभा चुनाव में खम ठोकने में सक्षम नेताओं की सूची तैयार करने में जुटी हैं। देहरादून जिलों के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से अब तक काफी संख्या में दावेदार आगे आ चुके हैं।

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उक्त कमेटियों को 12 अक्टूबर तक दावेदारों की सूची तैयार करने को कहा गया है। हालांकि, इस अवधि को बढ़ाया भी जा सकता है। दरअसल, नवरात्रों और विजयादशमी में पार्टी नेताओं की व्यस्तता को देखते हुए अंतिम तिथि को बढ़ाने के संकेत भी मिले हैं।
उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने जिला कांग्रेस कमेटी और महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों को खुद को विधानसभा चुनाव में दावेदार के तौर पर पेश नहीं किए जाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि इसका असर दावेदारों की सूचियां निष्पक्ष ढंग से तैयार करने पर पड़ेगा। अध्यक्षों पर पूर्वाग्रह से ग्रस्त होने के आरोप न लगें, इसे देखते हुए यह नसीहत दी गई है।

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हालांकि, चुनाव के लिहाज से मजबूत समझे जाने वाले जिलाध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों की दावेदारी पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी खुद विचार करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जमीनी स्तर पर प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एक पैटर्न तय किया है। इसके तहत ही जिलाध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों से मशविरा किया जा रहा है।
प्रत्याशी चयन में दावेदारों की पार्टी के प्रति निष्ठा, चुनाव जीतने की उसकी क्षमता और संभावना के साथ ही दावेदार की सामाजिक प्रतिष्ठा का आकलन किया जाएगा। दावेदारों की सूची इसी आधार पर तैयार की जाएगी।

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