Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Kanwar Yatra: लौट रहे कांवड़ियों की भारी भीड़, ऋषिकेश और आसपास के स्कूलों में दो दिन की छुट्टी

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 03:33 PM (GMT+05:30)

    सावन माह में हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की भारी भीड़ के चलते ऋषिकेश और आसपास के स्कूलों में 10 व 11 अगस्त को अवकाश रहेगा। ...और पढ़ें

    कांवड़ियों की भारी भीड़ । जागरण

    कांवड़ियों की भारी भीड़ । जागरण

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    संवाद सहयोगी, डोईवाला (देहरादून) । सावन माह में हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की भीड़ के चलते ऋषिकेश, गुमानीवाला, खैरी खुर्द, श्यामपुर, रायवाला क्षेत्र के स्कूलों में 10 व 11 अगस्त को अवकाश रखा गया है।

    जगह-जगह भंडारों का आयोजन

    वहीं डोईवाला क्षेत्र में जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया जा रहा है। व्यापारियों और स्थानीय लोगों की ओर से कांवड़ियों के लिए भोजन, जलपान और विश्राम की व्यवस्था की गई है। बड़ी संख्या में कांवड़िये इन सेवा शिविरों में प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।

    लच्छीवाला टोल प्लाजा के समीप, मणिमाई मंदिर सहित अन्य स्थानों पर लगाए गए सेवा शिविरों में कांवड़ियों के लिए भोजन के साथ कुछ देर आराम करने की व्यवस्था भी की गई है। वहीं अग्रवाल धर्मशाला में भी स्थानीय लोगों की ओर से कांवड़ियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है।

    आयोजन समिति से जुड़े अधिवक्ता मनीष धीमान ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि सेवा, आस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। हर वर्ष क्षेत्र के लोग कांवड़ियों की सेवा में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं।

    समाजसेवी संजय शर्मा ने कहा कि कांवड़ियों की सेवा करना पुण्य का कार्य है। क्षेत्र के लोगों का प्रयास है कि यात्रा के दौरान शिवभक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो और उन्हें भोजन-पानी के साथ सुरक्षित विश्राम की सुविधा मिल सके।

    भारत भारती के अध्यक्ष ईश्वर चंद्र अग्रवाल ने कहा कि कांवड़ यात्रा सनातन संस्कृति और आस्था की पहचान है। कांवड़ियों की सेवा के लिए क्षेत्रवासियों का आगे आना सामाजिक एकता और सेवा भावना का परिचायक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यात्रा के दौरान कांवड़ियों की हरसंभव सहायता करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में भी सहयोग दें।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- Delhi Dehradun Expressway: उद्योगों की लाइफ लाइन बना दिल्ली-दून इकोनोमिक कॉरीडोर, कांवड़ यात्रा के दौरान धनवर्षा

    यह भी पढ़ें- हरिद्वार में आस्था का सैलाब, 30 किमी तक सिर्फ डाक कांवड़ के वाहन; ड्रोन से देखिए अद्भुत दृश्य