देहरादून में बेटी ने निभाया पुत्र का धर्म, हरिद्वार में दी मां को मुखाग्नि
डोईवाला निवासी शिखा सैनी ने हरिद्वार में अपनी माता स्वर्गीय अंगूरी देवी को मुखाग्नि देकर पुत्र धर्म निभाया। परिवार में कोई अन्य संतान न होने के कारण श ...और पढ़ें

हरिद्वार में अपनी मां की चिता को मुखाग्नी देती उनकी बेटी शिखा सैनी साभार सभासद

समय कम है?
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संवाद सहयोगी, डोईवाला (देहरादून)। बदलते समय के साथ आज की पीढ़ी सामाजिक परंपराओं को नई दिशा दे रही है। इसका ताजा उदाहरण उस समय देखने को मिला जब डोईवाला खता निवासी शिखा सैनी पत्नी रितेश सैनी ने अपनी माता स्वर्गीय अंगूरी देवी को हरिद्वार में मुखाग्नि देकर पुत्र धर्म निभाया।
स्वर्गीय अंगूरी देवी, स्वर्गीय महिंदर प्रकाश सैनी की धर्मपत्नी, मूल रूप से ग्राम कैलाशपुर, जनपद सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) की निवासी थीं और वर्तमान में अपनी पुत्री शिखा सैनी के साथ डोईवाला में रह रही थीं।
परिवार में अन्य कोई संतान न होने के कारण उनकी देखभाल उनकी पुत्री द्वारा ही की जा रही थी। निधन के उपरांत शिखा सैनी ने सभी अंतिम संस्कार की विधियां पूर्ण कर समाज में एक सशक्त संदेश दिया कि आज बेटियां भी हर जिम्मेदारी निभाने में सक्षम हैं।
बेटियों ने निभाई अंतिम जिम्मेदारी
पिथौरागढ़। पहाड़ की बेटियां अब हर क्षेत्र में समानता का मजबूत संदेश दे रही हैं। पंचायतों से लेकर सामाजिक दायित्वों तक, महिलाएं आगे बढ़कर परंपरागत सोच को बदल रही हैं।
समाज में लंबे समय से माता-पिता की चिता को मुखाग्नि देने का अधिकार केवल पुत्रों से जोड़ा जाता रहा है, लेकिन अब बेटियां भी इस जिम्मेदारी को निभाकर रूढ़ियों को तोड़ रही हैं।
जनवरी माह में गंगोलीहाट क्षेत्र में एक पूर्व सैनिक के निधन के बाद उनकी सात बेटियों ने पिता को कंधा दिया और मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। इतना ही नहीं, सीआईएसएफ में कार्यरत उनकी एक बेटी ने धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए मुंडन संस्कार भी कराया।